Maharajganj News : नेपाल बॉर्डर के गांवों में छुपा टूरिज्म का खजाना! अब होमस्टे वाले भी जीतेंगे राज्य पर्यटन पुरस्कार

    12-Jan-2026
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महराजगंज। ग्रामीण पर्यटन को नयी पहचान देने की दिशा में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य पर्यटन पुरस्कार 2026 के अंतर्गत अब सिर्फ बड़े पर्यटन स्थलों ही नहीं, बल्कि गांवों में संचालित होमस्टे और फार्म स्टे को भी सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार के लिए इस बार होमस्टे संचालक भी आवेदन कर सकेंगे। जनपद में पर्यटन विभाग के 240 होमस्टे नेपाल बॉर्डर के निकट के गांव में संचालित हैं। इनके संचालक 20 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पर्यटन विभाग व उद्योग विभाग का दावा है कि पर्यटन पुरस्कार का नया प्रारूप ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स की घोषणा की है। उद्देश्य है कि प्रदेश के उन गांवों, ग्रामीण होमस्टे और फार्म स्टे को मजबूत किया जाए। जिले के होमस्टे सांस्कृतिक धरोहर, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं।


यह पहल ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है। सहायक पर्यटन अधिकारी ने बताया कि राज्य पर्यटन पुरस्कार 2026 तीन श्रेणियों में दिया जाएगा। बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे। सभी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पुरस्कार मिलेगा।

सोहगीबरवां व बौद्ध सर्किट से जुड़ा है जिला
जनपद सोहगीबरवां वन्य प्रभाग के साथ बौद्ध परिपथ लुंबिनी, कपिलवस्तु व कुशीनगर से जुड़ा है। यहां नेपाल सीमा से सटे गांव अनूठी सभ्यता व संस्कृति का विस्तार एग्री-रूरल टूरिज्म के मॉडल के रूप में उभर रहा है। ऐसे में राज्य पर्यटन पुरस्कार स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने वालों को पहचान देगा।

पांच गांव दिखा रहे सभ्यता की झलक
सीमा क्षेत्र के गांव भेड़िहारी, गिरहियां, इटहिया, बनरसिहां कला व चंडीथान गांव में कुल 240 होम स्टे का संचालन पर्यटन विभाग की तरफ से कराया जा रहा है। यह सभी स्टेट पर्यटन अवार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार प्रोत्साहन से पर्यटन उद्योग को रफ्तार मिलेगी।