Maharajganj News : जांच में बड़ा खेल! महराजगंज में अवैध पैथोलॉजी का जाल, मरीजों की सेहत से हो रहा खिलवाड़
14-Jan-2026
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महराजगंज। जिले में पंजीकृत पैथोलॉजी से कहीं अधिक अवैध लैब संचालित होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में पंजीकृत पैथालॉजी से अधिक का संचालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अवैध पैथोलॉजी की संख्या पंजीकृत की तुलना में दोगुनी तक है। जो पंजीकृत हैं वहां भी डॉक्टर नहीं हैं, एलटी के भरोसे रिपोर्ट दी जाती है।
सामान्यत: जिस डॉक्टर के नाम से लैब पंजीकृत होती है, मौके पर वह नहीं रहते हैं। इनकी रिपोर्ट विश्वसनीय नहीं होती है। कई बार यह मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो जाते हैं। जिले में 89 पैथोलॉजी पंजीकृत हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिले में पंजीकृत लैब दोगुना पैथोलॉजी संचालित हैं। डाॅक्टर मरीजों को निजी पैथाेलॉजी पर ही जांच की सलाह देते हैं। वहीं, कुछ संचालक चिकित्सकों के आसपास ही घूमते रहते हैं, जांच का इशारा मिलते ही यह मरीज को अपने सेंटर पर ले जाते हैं। जांच के नाम पर मरीजों से मोटी रकम ऐंठने के बाद भी विश्वसनीय रिपोर्ट की गारंटी नहीं होती है। ज्यादातर लैब में बगैर डिग्री वाले कर्मी जांच करते हैं। बीते पांच माह में छह अवैध पैथाेलॉजी सील की जा चुकी हैं।
यह निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से साठगांठ करके जांच लिखवाते हैं। रिपोर्ट देने के एवज में रकम लेकर किनारा कस लेते हैं। जांच रिपोर्ट के सटीकता की भी कोई गारंटी नहीं होती। एक सप्ताह पहले शहर के एक पैथालॉजी में एक मरीज ने यूरिन की जांच कराई गई तो संक्रमण मिला।
रिपोर्ट पर भरोसा नहीं हुआ तो दूसरे लैब में जांच कराने पर पता चला की संक्रमण नहीं है। इस तरह के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। गलत रिपोर्ट के मामले में कहीं शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा किया जाता है कि पंजीकरण में नियमों का सख्ती से पालन होता है।