
उन्होंने रामगोपाल वर्मा की 1995 में आई रोमांटिक कॉमेडी 'रंगीला' से भी अपनी पहचान बनाई, जो मणिरत्नम की फिल्मों से बिल्कुल अलग थी। वहीं म्यूजिशियन ने एक इंटरव्यू में कहा है कि बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने में उन्हें कई साल लग गए। उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पिछले आठ सालें से काम न मिलने के बारे में भी खुलकर बात की और इसके कारणों पर भी सवाल उठाए।
8 सालों से नहीं मिला बॉलीवुड से काम
बीबीसी एशियन नेटवर्क से बात करते हुए एआर रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आठ सालों से उन्हें बॉलीवुड से कोई काम नहीं मिला है। उन्होंने कहा पिछले आठ सालों में, संगीत निर्माण में "नियंत्रण" संगीतकारों और निर्देशकों से हटकर संगीत लेबल और कॉर्पोरेट संस्थाओं के हाथों में चला गया है।
एआर रहमान ने कहा, “शायद पिछले आठ वर्षों में, सत्ता में बदलाव आया है और अब सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो क्रिएटिव नहीं हैं। यह सांप्रदायिक भावना से भी जुड़ा हो सकता है… लेकिन यह सीधे तौर पर मेरे सामने नहीं है। यह मुझे कानाफूसी के रूप में सुनाई देता है।”
‘मैं काम की तलाश में नहीं हूं’
रहमान ने ये भी क्लियर किया है कि मंदी ने उनके आत्मसम्मान या क्रिएटिव पीस को प्रभावित नहीं किया है। एक्टिवली प्रोजेक्ट को सर्ज करने के बजाय, वे काम को नेचुरली अपने पास आने देना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “उन्होंने आपको बुक किया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने अपने पांच कंपोजर को काम पर रख लिया।”
उन्होंने शांत भाव से आगे कहा, “मैं कहता हूं, अच्छा है, अब मेरे पास अपने परिवार के साथ आराम करने के लिए और समय है। मैं काम की तलाश में नहीं हूं। मैं काम की तलाश में नहीं जाना चाहता। मैं चाहता हूं कि काम मेरे पास आए, मेरी ईमानदारी मुझे काम दिलाए। मैं जिसके काबिल हूं, वही मुझे मिलता है। ”