महराजगंज। समाजवादी पार्टी की जिला इकाई में अंदरूनी बातचीत अब सामने आने लगी है। जिला महासचिव समसुद्दीन सिद्दीकी की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने जिला अध्यक्ष विद्यासागर यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं, जिला अध्यक्ष के समर्थक भी जिला महासचिव पर सवाल उठा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से जिले की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में जिलाध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
जिला महासचिव समसुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष विद्यासागर यादव भाजपा से मिले हुए हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं और उन्हें मुस्लिम विरोधी बताया।
हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। समसुद्दीन सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि MLC प्रत्याशी से लाखों रुपये लिए गए, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं और जिला पदाधिकारियों को कोई आर्थिक सहयोग नहीं दिया गया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्षों को भी कथित तौर पर सहयोग नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।
समर्थकों ने नाराजगी जताई
इसके अलावा, MLC चुनाव के संचालन के लिए समिति बनाए जाने और इस प्रक्रिया में जिला महासचिव से सलाह नहीं लिए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उनकी पोस्ट के बाद पार्टी के अंदर संगठनात्मक समन्वय और पदाधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने भी लगाए आरोप
दूसरी ओर, जिला अध्यक्ष विद्यासागर यादव के समर्थक भी जिला महासचिव समसुद्दीन सिद्दीकी पर आरोप लगा रहे हैं।
दोनों पक्षों की ओर से सामने आ रहे आरोप-प्रत्यारोप के चलते सपा की अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक हो गई है।
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर जिला अध्यक्ष विद्यासागर यादव का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब सबकी नजर पार्टी नेतृत्व पर है कि वह इस विवाद को सुलझाने और संगठन में एकजुटता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।