
महराजगंज। कजाकिस्तान के अल्माटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्ट्रॉन्गमैन प्रतियोगिता में पांच स्वर्ण पदक जीतकर सिसवा के युवा खिलाड़ी आशिषितपाल सिंह ने देश और जिले का नाम रोशन किया है। शुक्रवार को सिसवा पहुंचने पर परिजनों और नगरवासियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर उनका जोरदार स्वागत किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
आशिषितपाल के सिसवा पहुंचने पर नगरपालिका सीमा पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद समर्थक उन्हें जुलूस के साथ घर लेकर पहुंचे। यहां परिजनों ने आरती उतारकर और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान सीओ निचलौल रविन्द्र कुमार सिंह ने भी उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनकी उपलब्धि की सराहना की। 17 और 18 अक्टूबर को कजाकिस्तान के अल्माटी में आयोजित एशियाई पावर गेम्स में आशिषितपाल सिंह ने अंडर-90 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने पांच व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने ओवरऑल दूसरा स्थान भी प्राप्त किया।
उनकी प्रमुख स्पर्धाओं में टायर फ्लिप, लॉग लिफ्ट, योक वॉक, फार्मर कैरी, सैंडबैग ओवर द बार और एक्सट्रीम बाइसेप्स कर्ल शामिल रहीं। इन चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में उनके प्रदर्शन ने उनकी ताकत, सहनशक्ति और अभ्यास के स्तर को प्रदर्शित किया। आशिषितपाल का 350 किलोग्राम का टायर पलटना और 100 किलोग्राम के सैंडबैग को निर्धारित ऊंचाई के ऊपर पहुंचाना विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। 22 मई 2008 को जन्मे आशिषितपाल सिंह बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र हैं। करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने फिटनेस के उद्देश्य से जिम जाना शुरू किया था। धीरे-धीरे उनकी रुचि शक्ति खेलों में बढ़ने लगी और उन्होंने इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया।
शुरुआती जिला स्तरीय प्रतियोगिता में मिली हार से उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचाना और अभ्यास को बेहतर बनाया। निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर उन्होंने जिला स्तर से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई। राष्ट्रीय स्तर पर भी आशिषितपाल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। नेशनल ओल्ड स्कूल चैंपियनशिप के सब-जूनियर वर्ग में उन्होंने 185 किलोग्राम का जर्कर लिफ्ट दर्ज किया। इसके अलावा राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भी उन्होंने पदक हासिल किए हैं।
आशिषितपाल सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता विश्वपाल सिंह की मेहनत और सहयोग को दिया। वह कोच मुकुल पवार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड बनाना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए और अधिक उपलब्धियां हासिल करना है। आशिषितपाल ने युवाओं को संदेश दिया कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए। आत्मविश्वास, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आशिषितपाल सिंह की इस उपलब्धि ने सिसवा और महराजगंज जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। नगरवासियों को उम्मीद है कि वह भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।