
महराजगंज। भारत और नेपाल की खुली सीमा से होने वाली अवैध आवाजाही, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारी एक साथ बैठक कर रहे हैं। बुधवार से काठमांडू में शुरू हुई तीन दिवसीय 10वीं द्विपक्षीय समन्वय बैठक में सीमा पर निगरानी मजबूत करने और खुफिया सूचनाओं को समय पर साझा करने पर चर्चा हो रही है।
इस बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और सीमा पार होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना है। इस बैठक में नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) और भारत के सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एपीएफ के महानिरीक्षक नारायण दत्त पौडेल कर रहे हैं, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल कर रहे हैं।
बैठक में दोनों देशों के गृह और विदेश मंत्रालयों के साथ सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों के अधिकारी भी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में सीमा पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। इनमें मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी और तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाना शामिल है। इसके साथ ही दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा पर निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बैठक के एजेंडे में सीमा पर अतिक्रमण हटाने, सीमा स्तंभों की सुरक्षा और उनके रखरखाव जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है। सीमा की निगरानी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और सीमा पार अपराधों से जुड़ी सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान करने पर भी चर्चा हो रही है।
दोनों देशों के अधिकारी आपदा के समय एक-दूसरे की मदद करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए सहायता कक्षों को आपस में जोड़ने तथा दोनों सुरक्षा बलों के बीच प्रशिक्षण और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
तीन दिवसीय यह बैठक शुक्रवार को समाप्त होगी। बैठक में होने वाली चर्चा से भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।