
उत्तर प्रदेश। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 के विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई स्कीम ऑफ स्टडीज के तहत अब विद्यार्थियों को कुल 9 अनिवार्य विषय पढ़ने होंगे। इसके साथ ही वोकेशनल एजुकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है। बोर्ड ने 22 नए स्किल आधारित विषयों के विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं।
सीबीएसई ने सर्कुलर नंबर Acad-70/26 के माध्यम से नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें कक्षा 9 के विषयों, स्किल एजुकेशन और शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा से जुड़े बदलावों की जानकारी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को कुल 9 अनिवार्य विषयों की पढ़ाई करनी होगी। इसके अलावा अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार एक अतिरिक्त वैकल्पिक विषय चुनने का अवसर भी मिलेगा।
9 अनिवार्य विषयों की पूरी सूची
भाषा 1 (R1)
भाषा 2 (R2)
गणित (Mathematics)
विज्ञान (Science)
सामाजिक विज्ञान (Social Science)
भाषा 3 (R3)
कला शिक्षा (Art Education)
शारीरिक शिक्षा (Physical Education)
व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education)
इसके अतिरिक्त विद्यार्थी सीबीएसई की ओर से निर्धारित 57 विषयों की सूची में से एक वैकल्पिक विषय चुन सकते हैं। इसमें कंप्यूटर एप्लीकेशन, होम साइंस, पेंटिंग, संगीत, एलिमेंट्स ऑफ बिजनेस और विभिन्न भाषाओं के विकल्प शामिल हैं। हालांकि, अतिरिक्त भाषा चुनने वाले विद्यार्थियों को ध्यान रखना होगा कि वह उनकी तीन अनिवार्य भाषाओं से अलग हो।
सीबीएसई की नई गाइडलाइंस में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वोकेशनल एजुकेशन को अनिवार्य करना है। अब कक्षा 9 के सभी विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा का हिस्सा बनना होगा। इसके लिए विद्यार्थी कौशल विकास कार्यक्रम या बोर्ड की ओर से निर्धारित 22 स्किल आधारित विषयों में से किसी एक का चयन कर सकेंगे।
CBSE के 22 स्किल बेस्ड सब्जेक्ट की पूरी लिस्ट
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology)
सिक्योरिटी (Security)
ऑटोमोटिव (Automotive)
इंट्रोडक्शन टू फाइनेंशियल मार्केट्स
इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म
ब्यूटी एंड वेलनेस
एग्रीकल्चर
फूड प्रोडक्शन
फ्रंट ऑफिस ऑपरेशंस
बैंकिंग एंड इंश्योरेंस
मार्केटिंग एंड सेल्स
हेल्थकेयर
अपैरल (Apparel)
मल्टीमीडिया
मल्टी स्किल फाउंडेशन कोर्स
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर
डेटा साइंस (Data Science)
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर
फाउंडेशन स्किल्स फॉर साइंसेज, फार्मास्यूटिकल एंड बायोटेक्नोलॉजी
डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन
रिटेल (Retail)
इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और भविष्य के करियर में उपयोगी कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। सीबीएसई ने स्किल एजुकेशन के मूल्यांकन और प्रमाणपत्र को लेकर भी अलग-अलग व्यवस्था निर्धारित की है।
कौशल विकास कार्यक्रम चुनने वाले विद्यार्थी उनका मूल्यांकन स्कूल की ओर से आंतरिक रूप से किया जाएगा। कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर स्कूल की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
22 स्किल सब्जेक्ट में से विषय चुनने वाले विद्यार्थी
चयनित विषय की कक्षा 10 में अलग से बोर्ड परीक्षा देनी होगी। परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को एनएसक्यूएफ (NSQF) प्रमाणपत्र मिलेगा। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा संरचना की रूपरेखा भी जारी की है। नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को पांच निर्धारित विषयों में बोर्ड परीक्षा देनी होगी। बोर्ड ने इन पांच अनिवार्य बोर्ड परीक्षा विषयों में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की आवश्यकता बताई है।
सीबीएसई की नई स्कीम ऑफ स्टडीज मुख्य रूप से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए है। जो विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ रहे हैं, उन पर यह नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। वे पुराने परीक्षा पैटर्न और निर्धारित नियमों के अनुसार ही अपनी पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा पूरी करेंगे।
विद्यार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है नया बदलाव?
सीबीएसई की नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और रोजगार से जुड़े कौशलों की जानकारी देना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, बैंकिंग, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल मार्केट जैसे विषयों के विकल्प मिलने से विद्यार्थी शुरुआती स्तर पर ही अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित कर सकेंगे। इस बदलाव से स्कूली शिक्षा में अकादमिक पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा को भी अधिक महत्व मिलने की उम्मीद है।