
महराजगंज। जिले के निचलौल थाना क्षेत्र में बुजुर्ग से एक लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आवास योजना का पैसा दिलाने का झांसा देकर बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाया था और एक लाख रुपये लेकर बदले में दो लाख रुपये का फर्जी चेक थमा दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25,200 रुपये नकद, पंजाब नेशनल बैंक के चार चेक, एक मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है। तीनों आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर को निचलौल थाना क्षेत्र के पतौना गांव निवासी दशरथ सिंह भारतीय स्टेट बैंक की निचलौल शाखा से अपने खाते से एक लाख रुपये निकालकर घर जा रहे थे। इसी दौरान कटरा चौराहे के पास आरोपियों ने उन्हें आवास योजना का पैसा दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने बातचीत में उलझाकर दशरथ सिंह से एक लाख रुपये ले लिए और बदले में दो लाख रुपये का फर्जी चेक दे दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने निचलौल थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को निचलौल पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने टिकुलहिया पुल के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा श्रीवास्तव, संजय पटेल और मंगल यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के निवासी हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी घुघली थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दे चुके हैं। इसके अलावा कृष्णा श्रीवास्तव और मंगल यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 25,200 रुपये नकद, पंजाब नेशनल बैंक के चार चेक, एक मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।
एसपी शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में निचलौल प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र राय, स्वाट प्रभारी आशीष सिंह, एसओजी प्रभारी योगेश सिंह सहित पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।