
महराजगंज। जिले में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) शुक्रवार को दूसरे दिन भी 11 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को सख्त सुरक्षा जांच के साथ बेमौसम बारिश की परेशानी का भी सामना करना पड़ा। चक्रवात अर्णव के प्रभाव से सुबह से ही रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके चलते कई अभ्यर्थी भीगते हुए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे और परीक्षा समाप्त होने के बाद भी उन्हें बारिश के बीच घर लौटना पड़ा।
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के मुताबिक, इस बार प्रश्नपत्र का स्तर मध्यम से कठिन रहा। रीजनिंग और गणित के सवालों में सबसे अधिक समय लगा। गणित में कैलकुलेशन आधारित प्रश्न ज्यादा होने के कारण अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन में परेशानी हुई। वहीं, इतिहास और भूगोल के सवालों ने भी अभ्यर्थियों को खूब उलझाया। इतिहास में मौर्यकाल, सल्तनत काल और आधुनिक भारत से जुड़े घुमावदार प्रश्न पूछे गए। भूगोल में मानचित्र, भारत की नदियों और जलवायु से संबंधित सवाल अपेक्षाकृत कठिन रहे। हालांकि, हिंदी और सामान्य जागरूकता के प्रश्नों को अभ्यर्थियों ने आसान बताया। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि इन विषयों में अच्छे अंक मिल सकते हैं।
खराब मौसम का असर परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति पर भी देखने को मिला। प्रशासन के अनुसार, जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में कुल 6808 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन इनमें से केवल 2936 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने में परेशानी और लगातार बारिश को कम उपस्थिति की प्रमुख वजह माना जा रहा है। बारिश के कारण कई अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक जांच और तलाशी के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए थे। लगातार बारिश और खराब मौसम के बावजूद जिले के सभी 11 केंद्रों पर PET परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। प्रशासनिक व्यवस्था के बीच परीक्षा में किसी बड़ी बाधा की सूचना नहीं मिली।