
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह और डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में प्रतिदिन 80 से 90 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 50 से 60 मरीज सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों के अनुसार, सुबह और शाम के तापमान में अंतर होने के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
डॉक्टर ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सुबह और शाम ठंड से बचाव करें और जरूरत के अनुसार गर्म कपड़े पहनें। इसके साथ ही खानपान और साफ-सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। लापरवाही करने के बजाय समय पर उपचार कराना बेहतर है।
चिकित्सकों ने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। विशेषकर बुखार होने पर खुद से एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक, बदलते मौसम में जरूरी सावधानियां बरतने, संतुलित खानपान और समय पर उपचार से मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।