
महराजगंज। सरकारी कार्यालयों और परिसरों को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन की ओर से लगाए गए चेतावनी बोर्ड पर ही पान-मसाले की पीक मारने का मामला सामने आया है। बोर्ड पर साफ तौर पर गुटखा और पान-मसाला खाकर दीवार पर थूकने वालों पर 1000 रुपये जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद किसी व्यक्ति ने उसी चेतावनी बोर्ड को निशाना बना दिया।
घटना की तस्वीर सामने आने के बाद तहसील परिसर में आने वाले लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि जब चेतावनी बोर्ड पर ही इस तरह गंदगी फैलाई जा रही है तो परिसर में स्वच्छता व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठना आम बात है।
तहसील की दीवारों को पान-गुटखे की पीक से बचाने के लिए उपजिलाधिकारी के आदेश पर परिसर में जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर दीवार पर थूकने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ 1000 रुपये जुर्माना वसूलने की बात लिखी गई है।
प्रशासन का उद्देश्य सरकारी कार्यालय और उसके आसपास के परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखना है। लेकिन चेतावनी के बावजूद उसी बोर्ड पर पीक के निशान मिलने से प्रशासन की कोशिशों पर सवाल खड़े हो गए हैं। तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी और आम लोग अपने काम से पहुंचते हैं। ऐसे में सरकारी भवनों और दीवारों पर पान-गुटखे की पीक से गंदगी फैलने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बाद भी अगर इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं तो प्रशासन को परिसर में निगरानी बढ़ानी चाहिए। साथ ही, दोषी व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।