
महराजगंज। एप आधारित कैब, परिवहन और डिलीवरी सेवाओं के संचालन को लेकर परिवहन विभाग अब नियमों को सख्ती से लागू करने जा रहा है। जिले में संचालित एग्रीगेटर और ई-कॉमर्स इकाइयों के पंजीकरण और लाइसेंसिंग की प्रक्रिया यूपी माई फ्लीट पोर्टल के माध्यम से शुरू की जाएगी।
एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में जिले में संचालित सभी एग्रीगेटर और ई-कॉमर्स कंपनियों को पोर्टल पर आवेदन कराना अनिवार्य किया जा रहा है। क्षेत्र में संचालित कंपनियों को चिह्नित कर उन्हें लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ने की मुहिम इसी माह से प्रभावी होगी।
नई व्यवस्था के तहत किसी भी एग्रीगेटर या डिलीवरी सेवा प्रदाता को सेवाएं शुरू करने से पहले एआरटीओ से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस सेवाओं का संचालन करने वाली कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े सभी चालकों और वाहनों के जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र और प्रदूषण प्रमाणपत्र शामिल हैं।
परिवहन विभाग के मुताबिक नई व्यवस्था से यात्रियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। चालकों का सत्यापन होने से आपराधिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी। विभाग का मानना है कि कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कैब और डिलीवरी सेवाओं में वाहनों व चालकों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती हैं। नई व्यवस्था के जरिए ऐसे मामलों पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी जिले में संचालित सेवा प्रदाताओं की जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद संबंधित कंपनियों को पोर्टल पर दर्ज कर लाइसेंस (परमिट) के लिए नोटिस दिया जाएगा। विभाग की ओर से इसी माह से इस प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है।