
महराजगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का असर जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई दिया। कर्मचारियों के आंदोलन के चलते बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों से निराश लौटना पड़ा। जिले में NHM के कुल 1,022 कर्मचारी हैं, जिनमें 297 संविदा एएनएम और 179 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) शामिल हैं।
सीएचओ के कार्य बहिष्कार के कारण जिले के 179 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाएं प्रभावित रहीं। सीएचओ ने सीएचसी परिसर में धरना दिया, जबकि सीएचसी और सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
एसीएमओ डॉ. बीर विक्रम सिंह के अनुसार, आरोग्य मंदिरों के बंद रहने से सामान्य दिनों की तुलना में 3,380 मरीजों को ओपीडी और 845 मरीजों को टेलीमेडिसिन सेवा नहीं मिल सकी। इन मरीजों को उपचार के लिए सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से ओपीडी, लैब जांच, परिवार नियोजन, महिला स्वास्थ्य, टीबी और किशोर-किशोरी काउंसिलिंग समेत मिशन से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
संविदा एएनएम के कार्य बहिष्कार का सीधा असर नियमित टीकाकरण पर भी पड़ा। सामान्य दिनों में जिले में 332 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं, लेकिन कार्य बहिष्कार के दौरान स्थायी एएनएम के माध्यम से करीब 120 सत्र ही संचालित हो सके। इस तरह करीब 212 टीकाकरण सत्र प्रभावित हुए।
एसीएमओ डॉ. नीरज कनौजिया ने बताया कि हड़ताल के कारण विभागीय रिपोर्टिंग भी प्रभावित हुई है। संविदा एएनएम टीकाकरण सत्रों में काम नहीं कर रही हैं। स्थायी एएनएम के माध्यम से करीब 120 सत्र संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी रिपोर्टिंग भी नहीं हो पा रही है। कार्य बहिष्कार का असर आयुष्मान भारत योजना पर भी पड़ा। सामान्य दिनों में जिले में 400 से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जाते हैं, जबकि मंगलवार को सिर्फ 126 गोल्डन कार्ड ही बन सके।
सदर सीएचसी परिसर में सीएचओ और एनएचएम कर्मचारियों ने धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। संविदा कर्मचारी संघ के सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि लंबित मांगों के समाधान के लिए आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द निर्णय नहीं होने पर प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने में सीएचओ राधेश्याम, उमाशंकर, प्रदीप वर्मा, बबीता मौर्य, पुनीता, वंदना, मधु, रीना और अंजलि समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे। लक्ष्मीपुर सीएचसी पर भी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में डॉ. मनीष कश्यप, कंचन पांडेय, संदीप श्रीवास्तव, अशोक उपाध्याय, दुर्गेश, सुरेंद्र, जितेंद्र, आत्मानंद, सोनिया, पूजा सिंह, कंचन राय, प्रतिमा, डॉ. रुखसाना, ऐश्वर्या, मधु, नुजहत, काजल, रेनू और सपना समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।