
महराजगंज। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की पहल अब धरातल पर उतरने लगी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 'महराज ब्रांड' नाम से तैयार फिनायल, हैंडवाश समेत अन्य स्वच्छता उत्पादों की आपूर्ति जिले की सभी 882 ग्राम पंचायतों के सामुदायिक शौचालयों में शुरू हो गई है। इस पहल से महिला समूहों को नियमित आय का अवसर मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री का रास्ता भी खुला है।
इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत की ओर से स्वच्छता उत्पादों की किट के लिए संबंधित स्वयं सहायता समूहों को हर महीने एक हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है। जिले की 882 ग्राम पंचायतों के आधार पर समूहों को प्रतिमाह कुल 8.82 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं, सालाना यह कारोबार 1 करोड़ 5 लाख 84 हजार रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
इस व्यवस्था से महिलाओं को अपने उत्पादों की नियमित बिक्री का अवसर मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
जिले के सभी 12 ब्लॉकों में संचालित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। उत्पाद तैयार होने के साथ ही उनकी आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। पहले जहाँ ग्राम पंचयतो को खुद सामग्री बाज़ारों से खरीदनी पड़ती थी लेकिन वहीं अब इन स्थानीय समूहों से तैयार कराकर उपयोग किया जा रहा है।
विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए महराज ब्रांड को बनाया गया है। सामुदायिक शौचालयों में उपयोग होने वाली स्वच्छता सामग्री समूहों की महिलाओं से तैयार कराने से उन्हें रोजगार और उनके उत्पादों को सुनिश्चित बाजार मिला है।