
महराजगंज। जिला अस्पताल से मिली दवा के सिरप में कीड़ा मिलने की शिकायत के बाद बुधवार को बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना दिया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) तथा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष विशाल कुमार पुष्कार ने बताया कि संगठन के जिला उपाध्यक्ष सत्यदेव की छह वर्षीय बेटी के दांत में दर्द था। इसके बाद मंगलवार को वह बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने पर्चे पर कुछ दवाएं लिखीं। आरोप है कि अस्पताल के दवा वितरण काउंटर से उन्हें पीडियाट्रिक पैरासिटामोल सिरप, एंटीबायोटिक और मल्टीविटामिन दिया गया। बच्ची को सिरप पिलाने के बाद उसमें कीड़े दिखाई दिए। परिजनों का दावा है कि दवा पीने के बाद बच्ची की तबीयत अचानक और खराब हो गई।
इस शिकायत के सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और दवाओं की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सीएमएस और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।
प्रदर्शन में सूरज तिवारी, श्याम पांडेय, नीरज गौड़, धर्मेंद्र गिरी, शिवा, हरिओम, विष्णु साहनी और अविनाश समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे। वहीं, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की नियमित जांच की जाती है। सिरप में कीड़ा मिलने के आरोप को गंभीरता से लिया गया है।
उन्होंने बताया कि ड्रग वेयरहाउस में सुरक्षित रखे गए उसी बैच के सिरप की चीफ फार्मासिस्ट और चिकित्सकों की मौजूदगी में जांच कराई गई। जांच के दौरान किसी भी सिरप में कीड़े मिलने की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही संबंधित सिरप एक्सपायर भी नहीं पाया गया। सीएमएस के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सिरप में कीड़ा मिलने के आरोप और अस्पताल प्रशासन के दावों के बीच मामले की जांच जारी है।