
महराजगंज। विद्यालयों में संचालित मिड डे मील योजना के तहत कार्यरत रसोइयों ने उत्पीड़न और मनमाने तरीके से सेवा से हटाए जाने के विरोध में बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय मध्यान्ह भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले रसोइयों ने बीआरसी परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला संरक्षक राजेंद्र प्रसाद और जिलाध्यक्ष संध्या देवी ने किया। रसोइयों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कोल्हुआ प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बिना किसी पूर्व नोटिस और विभागीय अनुमति के पहले से कार्यरत रसोइयों को सेवा से हटा दिया। उनकी जगह नई नियुक्तियां भी कर दी गईं। रसोइयों का कहना है कि बीते 13 अक्टूबर को विद्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों के सामने वास्तविक स्थिति रखी थी। उनका आरोप है कि भोजन में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था और खाने में कीड़े-मकोड़े मिलने जैसी शिकायतें भी थीं।
रसोइयों के मुताबिक, इन अनियमितताओं को अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद ही उन्हें सेवा से हटा दिया गया। उन्होंने इसे उत्पीड़न बताते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारी रसोइयों ने मांग की कि कोल्हुआ प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए और उनका स्थानांतरण किया जाए। साथ ही पहले से कार्यरत रसोइयों को दोबारा काम पर रखा जाए, ताकि उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो।
रसोइया संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन बड़े आंदोलन के साथ भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होगा। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता जाहिद अली ने भी रसोइया संघ के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की।