
महराजगंज। जिले के निचलौल थाना क्षेत्र के बलुआ टोला गेरहवा गांव में गांव खाली कराने का नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव के करीब 35 से 40 परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से मुलाकात कर उन्हें गांव से बेदखल नहीं करने की मांग की। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम को पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से गांव में रहकर अपने परिवारों के साथ जीवनयापन कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 1962 में आई भीषण बाढ़ के दौरान उन्हें अपनी जान बचाने के लिए गांव छोड़कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी थी। इसके बाद वर्ष 1990 में वे दोबारा गांव लौटे और यहीं बस गए। वर्तमान में गांव में लगभग 35 से 40 परिवार निवास कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें नोटिस जारी कर गांव खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। इस मामले में राजू प्रसाद और अनवारुलहक के नाम भी सामने आए हैं। नोटिस मिलने के बाद से ग्रामीणों में असमंजस और भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कई लोग गरीब और बेरोजगार हैं। सरकार की ओर से उन्हें बिजली कनेक्शन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे में गांव खाली करने की स्थिति में उनके सामने रहने और परिवार का भरण-पोषण करने का संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है। यदि उन्हें गांव से बेदखल किया गया तो वे अपने परिवार और बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर गांव खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि ग्राम सभा से जुड़े पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। इस दौरान वीरेंद्र यादव, नागवंती, सोनमती, वजीफा खातून, मुन्नी देवी, सलमा और जन्नतुन समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।