
महराजगंज। जिले के प्राचीन और पौराणिक महत्व वाले 10 धार्मिक स्थलों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। शासन ने इन धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 17.20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। योजना के तहत मंदिरों और उनके आसपास के क्षेत्रों का सुंदरीकरण करने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
इस योजना में सबसे अधिक आठ करोड़ रुपये फरेंदा स्थित प्रसिद्ध लेहड़ा देवी मंदिर के विकास के लिए स्वीकृत किए गए हैं। यहां विशेष रूप से ध्वनि एवं प्रकाश शो यानी साउंड एंड लाइट शो विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा।
निचलौल स्थित प्रसिद्ध ईटहिया शिव मंदिर के विकास के लिए शासन ने एक करोड़ 20 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इस धनराशि से मंदिर परिसर का सुंदरीकरण कराने के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा जिले के आठ अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इन 10 धार्मिक स्थलों का होगा विकास
योजना के तहत जिले के जिन धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा, उनमें शामिल हैं:
लेहड़ा देवी मंदिर, फरेंदा।
ईटहिया शिव मंदिर, निचलौल।
प्राचीन रामजानकी मंदिर, महुअवा, नगर पालिका महराजगंज।
प्राचीन शिव मंदिर, परसिया, घुघली।
प्राचीन शिव मंदिर, दरहटा, मिठौरा।
पौराणिक शिव मंदिर, लखिमा, पनियरा।
रामजानकी मंदिर, धनखरी।
रामजानकी मंदिर, गिरगिटिया।
प्राचीन काली मंदिर, विष्णुपुरी, वार्ड नंबर चार, नौतनवा।
चंडीथान माता मंदिर।
सभी चयनित धार्मिक स्थलों पर प्रस्तावित विकास कार्यों के तहत बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा, क्यूआर कोड युक्त साइनेज, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच और लैंडस्केपिंग जैसे कार्य कराए जाएंगे।
बहुउद्देशीय हॉल बनने से मंदिर परिसरों में धार्मिक आयोजनों और सामूहिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। वहीं पेयजल और बैठने की व्यवस्था से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। क्यूआर कोड युक्त साइनेज के माध्यम से पर्यटक अपने मोबाइल फोन से संबंधित मंदिर के इतिहास और धार्मिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। सहायक पर्यटक अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि शासन से जिले के 10 धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बजट की स्वीकृति मिल गई है। अब जल्द ही संबंधित स्थलों पर प्रस्तावित विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य केवल मंदिरों का बाहरी स्वरूप संवारना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। बेहतर सुविधाएं मिलने से इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, वाहन चालकों और अन्य लोगों को भी रोजगार एवं कारोबार के नए अवसर मिल सकते हैं। कुल मिलाकर यह योजना महराजगंज जिले को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।