
महराजगंज। आगामी धान खरीद सत्र को पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित कराने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीएम गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में शासन की धान क्रय नीति की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यशाला के दौरान डीएम ने शासन की धान क्रय नीति के प्रत्येक बिंदु की जानकारी देते हुए निर्देश दिया कि सभी धान क्रय केंद्रों को समय रहते पूरी तरह सक्रिय कर लिया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे, सही तौल उपकरण, पेयजल, छाया और किसानों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सभी केंद्रों पर आवश्यक अभिलेखों को भी पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए।
डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी क्रय केंद्र पर किसानों को असुविधा होती है या धान खरीद में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक पात्र किसान का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पारदर्शी तरीके से खरीदना और किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित कराना है।
कार्यशाला में एडीएम प्रशांत कुमार, डिप्टी आरएमओ अमित चौधरी सहित सभी सहकारी समितियों के सचिव, मार्केटिंग इंस्पेक्टर, एसएमआई, एडीसीओ और मंडी सचिव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीद शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।