
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा के सोनौली-बेलहिया नाके से नेपाल आने-जाने वाले पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। नेपाल की लुंबिनी प्रदेश सरकार बेलहिया सीमा पर पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एकद्वार प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद नेपाल में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और उनके वाहनों की सभी जरूरी जांच एक ही स्थान पर पूरी की जाएगी। इससे खासकर सड़क मार्ग से नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों का समय बचेगा और उन्हें बार-बार होने वाली जांच से राहत मिलेगी।
शुक्रवार दोपहर लुंबिनी प्रदेश के आर्थिक मामले तथा योजना मंत्री इंद्रजीत थारू और शहरी विकास, ऊर्जा, सिंचाई तथा पेयजल मंत्री संतोष कुमार पांडेय ने सोनौली से सटे नेपाल के बेलहिया स्थित पर्यटक सूचना केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्रियों ने सीमा पर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और एकद्वार प्रणाली को जल्द लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
मंत्रियों ने कहा कि बेलहिया नेपाल में प्रवेश करने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार है। सीमा पर पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवहार से ही नेपाल की पर्यटन छवि बनती है। इसलिए यहां की व्यवस्थाओं को अधिक सुविधाजनक और पर्यटक अनुकूल बनाना जरूरी है। मंत्री संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि एकद्वार प्रणाली लागू करने के लिए संबंधित निकायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल पुलिस, भंसार (सीमा शुल्क) कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम एक ही स्थान पर पर्यटकों और उनके वाहनों की आवश्यक जांच करेगी।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सीमा पर अलग-अलग विभागों की बार-बार होने वाली जांच की प्रक्रिया को आसान बनाना और पर्यटकों को अनावश्यक इंतजार से बचाना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सभी सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद पर्यटकों को एक विशेष कार्ड दिया जाएगा। इसे वाहन पर चस्पा किया जा सकेगा या पर्यटक अपने पास रख सकेंगे।
इस कार्ड के माध्यम से यह पुष्टि हो सकेगी कि संबंधित पर्यटक और वाहन की सीमा पर आवश्यक जांच पूरी हो चुकी है। इसके बाद रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर दोबारा जांच के नाम पर वाहनों को रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सोनौली-बेलहिया सीमा से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक नेपाल के भैरहवा, लुंबिनी, बुटवल, पोखरा और काठमांडू सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए आवागमन करते हैं। अलग-अलग सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों की जांच के चलते कई बार पर्यटकों को रास्ते में काफी समय गंवाना पड़ता है।
एकद्वार प्रणाली लागू होने से भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ अन्य विदेशी पर्यटकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे सीमा पार आवागमन अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगा। गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए बेलहिया प्रमुख प्रवेश द्वार है। ऐसे में पर्यटक सूचना केंद्र का प्रभावी संचालन और एकद्वार प्रणाली का क्रियान्वयन नेपाल में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस व्यवस्था से सोनौली-बेलहिया सीमा को एक सुविधाजनक अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। अब पर्यटकों की नजर इस व्यवस्था के औपचारिक क्रियान्वयन पर टिकी है।