
उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ पार्टी संगठन, सरकार और सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रही है। बीजेपी की इस रणनीति को 'ट्रिपल S' फॉर्मूले के रूप में देखा जा रहा है। इसमें संगठन को मजबूत करना, सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना तथा एनडीए के सहयोगी दलों के साथ एकजुटता बनाए रखना शामिल है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति के तीन प्रमुख आधार संगठन, सरकार और सहयोगी दल बताए जा रहे हैं। पार्टी का मानना है कि केवल संगठन की सक्रियता बढ़ाने से चुनावी लक्ष्य हासिल नहीं होगा, बल्कि सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचानी होगी। इसके साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखना भी पार्टी की प्राथमिकता है। इसी दिशा में संगठन और सरकार के स्तर पर लगातार बैठकों और रणनीतिक मंथन का दौर जारी है।
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ में आयोजित बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए संगठन में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए सक्रियता के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार की तुलना अंगद के पैर से करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य सामने रखा।
बीजेपी ने प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्राओं का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनसंपर्क बढ़ाने की कोशिश की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी प्रदेश के अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वह संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने दौरे की शुरुआत पश्चिम क्षेत्र से की। इसके बाद उन्होंने काशी क्षेत्र का दौरा किया और फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर पहुंचे। चार और पांच नवंबर को हुए दो दिवसीय गोरखपुर दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान पदयात्रा, कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठनात्मक बैठकों के जरिए चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। पार्टी की कोर कमेटी के साथ बैठक में भी संगठन की स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई।
बीजेपी के 'ट्रिपल S' फॉर्मूले में सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी की कोशिश है कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल और एकजुटता बनी रहे। हाल के दिनों में आयोजित पदयात्राओं और राजनीतिक कार्यक्रमों में सहयोगी दलों के नेताओं की भागीदारी को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
मिशन 2027 के लिए तीन मोर्चों पर तैयारी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए बीजेपी संगठनात्मक मजबूती, सरकार के कामकाज के प्रचार और गठबंधन के सहयोगियों के साथ समन्वय पर एक साथ काम कर रही है।
पार्टी की रणनीति है कि चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जाए, सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाए तथा सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाए। अब देखना होगा कि बीजेपी का यह 'ट्रिपल S' फॉर्मूला आगामी विधानसभा चुनाव में कितना प्रभावी साबित होता है।