Maharajganj News : दूसरे जुमे पर सज गईं मस्जिदें, दुआओं में डूबा जनपद… सुरक्षा रही चाक-चौबंद
28-Feb-2026
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महराजगंज। मुक़द्दस रमजान के दूसरे जुमे पर जनपद की सभी मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा कर अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआएं मांगी। सभी रोजेदारों ने समय से मस्जिदों में पहुंचकर एक साथ जुमे की नमाज अदा की। इस दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई।
मुकद्दस रमजान के दूसरे जुमे की नमाज जनपद के नौतनवा, परतावल, घुघुली, निचलौल, पनियरा, फरेंदा, नौतनवा, मिठौरा, सिंदुरिया आदि सैकड़ों मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज पढ़कर अपने गुनाहों (पापों) से माफी (प्रायश्चित) मांगी।
मस्जिदों में जुमे की नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे-बूढ़े, युवाओं की भारी भीड़ जमा रही। रमजान महीने के पहले अशरे (हिस्से) का दसवां रोजा चल रहा है। इस अशरे में रोजेदार रोजे रखकर अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआ मांगते हैं।
महराजगंज स्थित नूरी मस्जिद में इमाम कारी मोहम्मद इरशाद ने रमजान महीने के दूसरे जुमे की नमाज अदा कराई। मदरसे के पूर्व प्रधानाचार्य मौलाना मोईनुद्दीन कादरी ने संबोधित करते हुए कहा रमजान के महीने को दस-दस दिन के तीन अशरों (हिस्सो) में बांटा गया है। पहले 10 दिन रहमत (दया) का अशरा होता है। रमजान महीने का दूसरा अशरा मगफिरत अर्थात अल्लाह से अपने गुनाहों से माफी का और तीसरा अशरा जहन्नम से आजादी का है।
रमजान महीने के पहले अशरे की रहमत का चल रही है। रमजान के महीने में रहमत (दया) के दरवाजे खुल जाते हैं। इस अशरे में गुनाहगारों की तौबा कुबूल की जाती है। इसलिए इस अशरे में रोजेदारों को अल्लाह से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस अशरे (हिस्से) में पांच वक्त का नमाज नियमित रूप से पढ़ते हुए कुरान शरीफ को पढ़ने में दिल लगाना चाहिए।
भूखों को खाना खिलाएं, जरूरतमंदों की मदद करें और रोजेदारों को इफ्तार कराएं। इससे खुदा राजी (खुश) होकर अपने बंदों की दिल से मांगी हुई दुआ को कुबूल करता है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी मस्जिदों पर पुलिस के जवान मौजूद रहे।