Maharajganj News : महराजगंज में खोआ-पनीर का खेल, जंगल क्षेत्र के नाम पर बेचा जा रहा मिलावटी माल
01-Mar-2026
Total Views |
महराजगंज। जनपद मुख्यालय पर कुछ दुकानदार खोआ और पनीर की बिक्री में बड़ा खेल कर रहे हैं। दुकानें भले ही सड़क किनारे खुली हों लेकिन असली माल गोदामों में रखा जाता है। दुकान देखकर भी यह समझना मुश्किल है कि यहां पर पनीर और खोआ की बिक्री की जाती है। ग्राहकों से बताते हैं कि वह जंगल के इलाके से ''शुद्ध'' खोआ-पनीर मंगाते हैं।
जनपद मुख्यालय पर खोया व खुले पनीर बिक्री के लिए एक नहीं बल्कि आधा दर्जन से अधिक दुकानें संचालित हो रही हैं। सदर कोतवाली के सामने से निकले रोड पर कुल चार दुकानें हैं। यहां से बड़े पैमाने पर खोआ व पनीर की बिक्री की जाती है। लेकिन दुकानों पर न पनीर मिलेगा और न खोआ क्योंकि यह दोनों सामान इनके गोदामों में डंप रहता।
मोलभाव तय होने के बाद ग्राहकों को तय कीमत पर गोदाम से उपलब्ध करा दिया जाता है। ग्राहकों को शुद्धता की गारंटी देने के लिए यह बताया जाता है कि पनीर और खोआ जंगल क्षेत्र से मंगाया गया है। जहां पर्याप्त मात्रा में गाय-भैंस का पालन होता।
जबकि सदर एनआरएलएम में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि सदर में 1000 से अधिक एसएचजी पंजीकृत हैं। इसमें सिर्फ एक समिति गाय व भैंस पालन से जुड़ी है। शेष लगभग 150 बकरी पालन का व्यवसाय कर रही हैं। यह उसी क्षेत्र का आंकड़ा है जहां पर गाय-भैंस का पालन होने की बात कहकर गोरखपुर व पिपराइच से मिलावटी पनीर व मावा को लाकर बिक्री की जा रही है।
गोरखपुर और पिपराइच से आ रहा मिलावटी खोआ सूत्रों के अनुसार, यह मिलावटी खोआ-पनीर गोरखपुर और पिपराइच के रास्ते आ रहा है। खाद्य विभाग से बचने के लिए कारोबारी इसे अब रोडवेज से नहीं मंगा रहे हैं। बल्कि ट्रांसपोर्ट के जरिए सामान मंगाया जा रहा है।