Maharajganj News : कागजों में डॉक्टर, हकीकत में झोला छाप ! मरीजों की ज़िंदगी दांव पर

    19-Mar-2026
Total Views |

महराजगंज।
महराजगंज में मानकों का पालन न करने वाले निजी अस्पतालों को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन सख्त हो गया है। पंजीकरण के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों की अब गहन जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले में 115 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकांश अस्पताल सिर्फ कागज में मानक पूरा कर रहे हैं। नामित डॉक्टर अस्पताल में सेवा नहीं दे रहे हैं। इनकी जगह झोला छाप डॉक्टर ओपीडी कर रहे हैं। इतना ही नही प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारी की जगह अप्रशिक्षित कर्मी मरीजों की देखभाल करने के साथ ही उन्हें इंजेक्शन दे रहे हैं।

इसकी शिकायत स्वास्थ्य प्रशासन को हुई है। स्वास्थ्य प्रशासन ने पंजीकृत अस्पतालों की मानक की जांच करने के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया है। टीम अस्पतालों में पहुंचेगी। पंजीकरण प्रमाण पत्र के आधार पर अस्पताल की जांच करेगी।

अभिलेख के आधार पर डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी की उपस्थिति नहीं होने पर हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। पंजीकृत नामित डॉक्टर की हास्पिटल में उपस्थिति अनिवार्य अस्पताल पंजीकरण के लिए जिस डॉक्टर की डिग्री अभिलेखों में दर्शाया गया है। उसकी उपस्थिति अस्पताल में जरूरी है।

नामित डॉक्टर ही अस्पताल में मरीजों को सलाह देने के साथ ही इलाज कर सकते हैं। प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारी ही मरीजों को इंजेक्शन दे सकते हैं। लेकिन अधिकांश अस्पतालों में नामित डॉक्टर की जगह झोला छाप डॉक्टर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। अप्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारी मरीजों को इंजेक्शन दे रहे हैं।

एक डॉक्टर के नाम से दो-दो अस्पतालों का हो रहा संचालन शहर से लेकर गांवों में एक डॉक्टर के नाम पर दो-दो अस्पताल संचालित हैं, जो गलत है। एक डॉक्टर के नाम से एक ही अस्पताल का पंजीकरण कराया जा सकता है। इन अस्पताल संचालकों ने नामित डॉक्टर का नाम भी मुख्य गेट से लेकर ओपीडी में दर्शाया है।

कई पंजीकृत अस्पताल मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। अभिलेख के आधार पर अस्पतालों में नामित डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी नहीं हैं। इसकी शिकायत कई बार मिल चुकी है।अस्पतालों की मानक जांच के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया गया है। टीम जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।