
महराजगंज। महराजगंज के मिठौरा ब्लॉक के ग्राम सोनवल में कोटेदार की दुकान आवंटन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम सोनवल, विकास खंड मिठौरा की विकास स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गईं हैं।
30 माह से खाली पड़े कोटेदार की दुकान के आवंटन में भ्रष्टाचार और जानबूझकर देरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने तक अनशन जारी रहेगा। कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर आत्मदाह करने की भी बात कही।
स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सावित्री ने बताया कि शासनादेश के अनुसार, 2020 से पहले के स्वयं सहायता समूह को ही दुकान आवंटित होनी है। ग्रामसभा की कई बैठकें हुईं। उच्च न्यायालय के आदेश पर 27 जून 2025 को तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार, बीडीओ और एनआरएलएम अधिकारियों की मौजूदगी में खुली बैठक में विकास स्वयं सहायता समूह का चयन कर लिया गया। फिर भी उपजिलाधिकारी सदर ने प्रस्ताव खारिज कर दिया।
27 जनवरी 2026 को दोबारा बैठक हुई। खंड विकास अधिकारी ने 31 जनवरी 2026 को प्रस्ताव उपजिलाधिकारी सदर को भेजा। शासनादेश के मुताबिक 15 दिन में फैसला लेना अनिवार्य था लेकिन 60 दिन बीत गए।
महिलाओं का आरोप है कि उपजिलाधिकारी सदर ने लाइसेंस जारी करने के लिए रुपये की मांग की।
अनशन कर रही महिलाओं ने मांग किया कि तत्काल विकास स्वयं सहायता समूह को लाइसेंस जारी किया जाए। उपजिलाधिकारी सदर के खिलाफ तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाए। सभी दोषी अधिकारियों पर जांच हो, अगर प्रस्ताव गलत था तो उसे पास करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
आरोप है कि जिलाधिकारी को तीन बार शिकायती पत्र दिए गए, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दारौन कौशल्या, रीना, किरन, नेहा, रीमा, आशा, राजकुमारी, उर्मिला, संतोषी, सबिबुन, जलेखा, रेनू, कमलावती, सरोज मौजूद है।