Maharajganj News : उत्तर पुस्तिकाएं अधूरी, फिर भी शुरू मूल्यांकन! यूपी बोर्ड कॉपियों की जांच में बड़ा खेल?
20-Mar-2026
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महराजगंज। महराजगंज में यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अव्यवस्था के बीच मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जबकि कई केंद्रों पर अब तक पूरी उत्तर पुस्तिकाएं पहुंची ही नहीं हैं। अव्यवस्था के बीच बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है जबकि आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं की पूरी खेप अब तक नहीं पहुंची है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर मीडिएट की बोर्ड परीक्षा जनपद में 18 फरवरी से 12 मार्च तक शुचिता पूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई लेकिन मूल्यांकन अव्यवस्था के बीच हो रहा है। निर्देश सीसीटीवी की निगरानी में कराने का निर्देश हैं लेकिन यह अनुपालन हो रहा है अथवा नहीं यह जानकारी सिर्फ मूल्यांकन केंद्र के उप नियंत्रक व जनपद के मुख्य नियंत्रक तक सिमटी है।
स्थिति यह है कि जो केंद्र मूल्यांकन के लिए तय हैं वहां आवंटन के मुताबिक उत्तर पुस्तिकाएं ही नहीं पहुंची हैं। सेठ आनंदराम जयपुरिया इंटर काॅलेज के उप नियंत्रक शाकिर अली 17 मार्च की देर शाम तक उत्तर पुस्तिका नहीं पहुंचने की बात कहते रहे लेकिन 18 को मूल्यांकन की रिपोर्ट कंट्रोल रूम भेज दी।
यहां कुल 1,11,443 उत्तर पुस्तिका आवंटित की गईं। लेकिन यहां 1,04,754 उत्तर पुस्तिकाएं ही मूल्यांकन के लिए पहुंचाई गईं। यहां पहले दिन 609 व दूसरे दिन 11,224 उत्तर पुस्तिकाओं के जांच की रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय भेजी गई।
इस रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं किया गया कि जो उत्तर पुस्तिका मूल्यांकित हो रही हैं उन्हें जांचने के लिए कितने शिक्षकों ने ड्यूटी की।
जनपद में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकित करने के लिए जयपुरिया के अलावा महराजगंज इंटर काॅलेज भी केंद्र है यहां 96,899 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए गई हैं। इसके अलावा इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए सिर्फ जीएसवीएस में ही इंतजाम किया गया है। जीएसवीएस प्रधानाचार्य धनंजय सिंह ने बताया कि 1,44,479 उत्तर पुस्तिकाएं मिली हैं।
अंग्रेजी में उत्तर जांच के लिए शिक्षक नहीं जनपद में स्थापित तीन मूल्यांकन केंद्रों पर अंग्रेजी माध्यम में प्रश्नों का जवाब जांचने के लिए अलग से शिक्षकों का इंतजाम नहीं है। जबकि बोर्ड सचिव ने पहले से स्पष्ट कर रखा है कि मूल्यांकन केंद्र पर हिंदी के साथ साथ अंग्रेजी माध्यम में उत्तर देने वालों के जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका प्रबंध तीनों केंद्रों पर नहीं है।