Maharajganj News : शौचालय बने, पैसे भी मिल रहे... फिर भी लटका है ताला ! मिठौरा के गांवों में स्वच्छ भारत मिशन की खुली पोल
07-Mar-2026
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सिंदुरिया। मिठौरा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में सामुदायिक शोपीस बनकर रह गए हैं। हालत यह है कि अधिकांश शौचालयों पर ताला लटका है। यह स्थिति तब है, जब सरकार शौचालयों की देखरेख के नाम पर नामित समूह के सदस्यों को हर माह मानदेय दे रही है।
इससे सरकार की स्वच्छ भारत अभियान की मंशा पर पानी फिर रहा है। गांवों में बने इन सामुदायिक शौचालयों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
मिठौरा विकास खंड के विभिन्न गांवों में निर्मित शौचालयों की पड़ताल में अधिकांश गांवों ताला लटका मिला। ब्लॉक की 82 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ है। वहीं हर ग्रामसभा में इसके संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को दी गई है, लेकिन वहां मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
ग्राम सभा पडरी खुर्द के सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी लगाई गई, लेकिन वहां मोटर लगवाकर कनेक्शन नहीं कराया गया। यहां तक कि शौचालय का एक हैंड पंप भी नहीं है। ग्रामीण दुखहरन, नंदू, मंगरु पटेल, रामटहल, रामरुप, सतेन्द्र चौधरी ने बताया कि शौचालय जब से बना है, तब से ताला ही बंद रहता है। ऐसे ही मिश्रवलिया ग्रामसभा में सामुदायिक शौचालय पर बिजली कनेक्शन, पानी की टंकी, मोटर अथवा हैंडपंप कुछ भी नहीं है।
यहां तक कि यूरिनल वाली जगह पुआल रखा गया है। ग्रामीण अवधेश ने बताया कि शौचालय उपयोग में नहीं है। इसी तरह पिपरा नारायण, मुंडेरा कला, शिवपुर नंदना, हरिहरपुर मुजहना आदि गावों में भी शौचालय बंद पड़े हैं और सुविधाएं नदारद हैं।
इस संदर्भ में पूछे जाने पर खंड विकास अधिकारी राहुल सागर ने बताया कि जांच कराकर, जहां जो कमी है उसे पूरा कराया जाएगा। साथ ही संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।