Maharajganj News : 8 साल पुराने पत्नी हत्याकांड में बड़ा मोड़, पति बरी, सवालों में पूरी जांच!
11-Apr-2026
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महराजगंज। महराजगंज में करीब आठ वर्षों से चर्चित पत्नी हत्याकांड में जिला सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति दीपक पांडेय उर्फ राम अयोध्या को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, ऐसे में आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती।
यह मामला घुघली थाना क्षेत्र का है, जहां 20 सितंबर 2018 की रात नहर पुल के पास पूजा उर्फ रुक्मिणी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद इसे बाहरी हमले के रूप में पेश किया गया और एफआईआर में अन्य लोगों के नाम दर्ज कराए गए, लेकिन बाद में जांच के दौरान कहानी बदलती गई और पति को आरोपी बना दिया गया।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद एफआईआर और गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए गए। मुख्य वादी (पिता) ने अपने बयान में बदलाव स्वीकार किया। कई गवाहों ने कहा कि उनसे खाली कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। कथित हथियार (लोहे की रॉड) की बरामदगी को भी अदालत ने संदिग्ध माना। हत्या के पीछे स्पष्ट कारण साबित नहीं हो सका। कोर्ट ने कहा कि इन परिस्थितियों में अभियोजन की कहानी भरोसेमंद नहीं रह जाती और आरोपी के खिलाफ ठोस आधार नहीं बनता।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई थी लेकिन अदालत ने माना कि यह साबित नहीं किया जा सका कि ये चोटें आरोपी ने ही पहुंचाई थीं। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि प्रारंभिक रिपोर्ट और बाद के बयानों में बड़ा अंतर था। एक महत्वपूर्ण गवाह को कोर्ट में पेश ही नहीं किया गया। आरोपी का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज नहीं कराया गया। वहीं साक्ष्यों की श्रृंखला (चेन आफ एविडेंस) पूरी तरह स्थापित नहीं हो सकी। इन सभी कारणों से अदालत ने अभियोजन के केस को कमजोर माना।
इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से विद्वान अधिवक्ता हरिंद्रनाथ मिश्रा एवं उनके सहयोगी आर्या पाठक ने संयुक्त रूप से पैरवी की। बचाव पक्ष ने कोर्ट के समक्ष गवाहों के विरोधाभास, साक्ष्यों की कमजोरी और जांच की खामियों को प्रभावी ढंग से रखा, जिसे अदालत ने गंभीरता से स्वीकार किया। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आखिरकार कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।