Inspiring Story: 25 डिसमिल से शुरू हुई थी कहानी ! आज लाखों पौधों का साम्राज्य, कैसे बदली किसान की तकदीर?

    16-Apr-2026
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शिवानी

Inspiring Story: नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में स्थित उत्तर प्रदेश का महराजगंज जिला खेती के लिए बहुत उपजाऊ माना जाता है। जिले के ज्यादातर किसान पारंपरिक खेती करते हैं लेकिन बदलते समय के साथ कुछ किसान प्रगतिशील खेती की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। क्योंकि यहां की जमीन प्रगतिशिल खेती के लिए भी उपयुक्त है।

समय बदलने के साथ कुछ युवा किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर प्रगतिशील खेती की तरफ रुख कर रहे हैं। ऐसे ही एक किसान हैं निचलौल क्षेत्र के बनकट्टी के निवासी राममिलन, जिन्होंने नर्सरी व्यवसाय के जरिये अपनी अलग पहचान बनाई है।

राममिलन ने करीब 20 साल पहले मात्रा 25 डिसमिल जमीन पर पौधों की नर्सरी शुरू की थी। शुरुआत छोटी ज़रूर थी लेकिन अपनी मेहनत और अलग प्रयास से उन्होंने इस काम को लगातार आगे बढ़ाया और एक खास किसान के रूप में पहचान बनाई है। राममिलन बताते हैं कि उन्होंने बीस साल पहले पौधों को लगाने का काम शुरू किया था और इन बीस सालों में इस व्यवसाय से उन्हें बहुत ही अच्छा अनुभव हो गया है।

आज उनकी नर्सरी में विभिन्न प्रकार के लाखों पौधे तैयार किये जाते हैं, जो उनके सफल व्यवसाय की कहानी बयान करते हैं।  उन्होंने बताया कि उन्हें नर्सरी का व्यवसाय बहुत ही अच्छा लगता है जो न सिर्फ देखने में बहुत ही हरा भरा और काफी आकर्षक होता है, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाता है।


समय के साथ उन्होंने पौधों की संख्या और किस्म दोनों में विस्तार किया और आज उनका काम एक बड़े स्तर पर पहुंच चुका है। राममिलन के इस व्यवसाय की बात करें तो इससे सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि अन्य दूसरों को भी रोजगार का साधन उपलब्ध हुआ है।

उनकी नर्सरी में करीब 20-25 लोग नियमित रूप से काम करते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। राममिलन ने जिस नर्सरी को साल 2006 में सिर्फ पच्चीस डिसमिल जमीन पर शुरू किया था, वह आज एक बड़ा रूप ले चुकी है।

एक छोटे से प्रयास से शुरू हुआ यह सफर आज सफलता की मिसाल बन चुका है और क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा भी।