Petrol Black Marketing : नेपाल बॉर्डर पर पेट्रोल की कालेबाजारी का खेल! आखिर क्यों खामोश है सिस्टम?

    25-Apr-2026
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अरुण उपाध्याय

महराजगंज। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इन दिनों पेट्रोल की कालाबाज़ारी का मामला लगातार चर्चा में है। लेकिन आखिर इतनी पेट्रोल की कालाबाज़ारी हो क्यों हो रही है? सवाल यह है कि जितने भी क्षेत्र नेपाल बॉर्डर से जुड़े हैं आखिर वहां पर ही क्यों बोतलों, डिब्बों और ड्रमों में तेल बांटे जा रहे हैं ?

क्या यह मामला तेल को नेपाल ले जाकर तस्करी करने से जुड़ा है? बेलौही ग्राम सभा समेत कई सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर असामान्य भीड़ देखने को मिल रही है। आरोप है कि यहां जरूरतमंदों से ज्यादा कालेबाजारी करने वाले लोग बोतलों, डिब्बों और ड्रमों में पेट्रोल भरवा रहे हैं, जिससे आम लोगों को पेट्रोल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।


यह मामला सिर्फ बेलौही का ही नहीं है बल्कि यह नेपाल बॉर्डर से जुड़े सभी क्षेत्रों का है। नेपाल सीमा से जितने भी क्षेत्र जुड़े हुए हैं वहां के सभी पेट्रोल पंपों पर यही हाल है। इसका नतीजा यह है कि जितने भी जरूरतमंद है उन्हें पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। जितने भी कालाबाजारी करने वाले लोग हैं वो जहाँ भी पेट्रोल डिब्बों में मिल रहा है वहां से डिब्बों में पेट्रोल भरा कर कालबाज़ारी कर रहे हैं। और अगर पंप वाले डिब्बे में पेट्रोल नहीं दे रहे हैं तो वहां गाड़ी के टैंकों में पेट्रोल फुल कर कर नेपाल बॉर्डर के पार जाकर के उसे खाली कर रहे हैं।

इस कालाबाजारी के पीछे बहुत बड़ा कारण है कि नेपाल में पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई है, जिसकी वजह से बॉर्डर से जुड़े लोग अपने गाड़ियों में पेट्रोल भरवा करके या डिब्बे में पेट्रोल भरा कर नेपाल ले जाकर बेच दे रहे हैं। कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर कुछ लोग दिन में कई बार यह काम कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। यही वजह है कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ती जा रही है और आम उपभोक्ताओं को समय पर ईंधन नहीं मिल पा रहा है।

यही कालाबाज़ारी कुछ दिनों पहले यूरिया खाद को लेकर हो रही थी, जिसकी वजह से किसानों को समस्या झेलनी पड़ी थी और इस समस्या का भी केवल एक ही कारण था, वो यह कि नेपाल में यूरिया का रेट बहुत ज्यादा था। इसकी वजह से जितने भी लोग बॉर्डर के आसपास के क्षेत्र के थे वह यूरिया को बॉर्डर पर ले जाकर बेच देते थे जिससे उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त होता था।

स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।