New Tourist Hub In Maharajganj : जो गांव कभी अनजान था, सरकार इसे अब बना रही टूरिस्ट विलेज
06-Apr-2026
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के 35 गाँवों को पर्यटन हब के रूप में तेजी से विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रही है। आने वाले समय में इन गांवों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा और अलग-अलग विकास परियोजनाओं के माध्यम से इसका विकास भी किया जाएगा। इस कड़ी में महराजगंज जिले के भी पांच गाँवों का चयन किया गया है।
महराजगंज जिले के पांच गांव में से निचलौल क्षेत्र का चयनित एक गांव इटहिया भी है, जो जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है। यह गाँव भारत नेपाल सीमा से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। कभी सीमावर्ती और पिछड़े क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला यह गांव अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने की तैयारी में है।
कुछ सालों पहले तक जिला मुख्यालय से दूर होने की वजह से यह गांव डेवेलप नहीं था लेकिन अब समय के साथ इस गांव की विकास की कहानी भी बदलेगी। जहां लोग कभी बेसिक सुविधाओं की कमी से जूझते थे तो अब सरकार की इस योजना के तहत इस गांव को टूरिस्ट विलेज के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है।
लोगों के बीच अब यह उम्मीद बन चुकी है कि इस परियोजना को धरातल पर उतरने के बाद गांव का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा। इस योजना से सिर्फ इटहिया गांव का विकास नहीं होगा बल्कि स्थानीय लोगों के बीच रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पर्यटकों के आवागमन को बढ़ावा देने के लिए गांव में होमस्टे की सुविधा भी विकसित की जाएगी और पर्यटकों को घूमने के लिए दस स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में भी चुना गया है। ये गाइड पर्यटकों को आसपास के पर्यटन क्षेत्र के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
एक स्थानीय निवासी के अनुसार, इस पहल से गांव को नई पहचान मिलेगी और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्थानीय लोग अलग-अलग माध्यमों से रोजगार से जुड़ेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति में भी बदलाव देखने को मिलेगा. इस गांव में प्राचीन पंचमुखी शिव मंदिर है और अब पर्यटन की गतिविधियां बढ़ने से गांव के छोटे-छोटे व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिलेगा और इसका लाभ भी लोगों को मिलेगा।
इस परियोजना के संपन्न होने के बाद इटहिया गांव को न सिर्फ एक टूरिस्ट विलेज के रूप में पहचान मिलेगी बल्कि इसके बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। मंदिर के आसपास के कई दुकानों को लोकल फूड के रूप में भी चिन्हित किया गया है जिससे वोकल फॉर लोकल को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद इटहिया गांव न सिर्फ टूरिस्ट विलेज के रूप में नई पहचान पाएगा, बल्कि यहां का बुनियादी ढांचा, स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत भी नई दिशा में आगे बढ़ेगी।