Maharajganj News : मासूम की मौत के पीछे का खुला राज ! 'बाल रोग विशेषज्ञ' निकला फर्जी

    08-Apr-2026
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परतावल।
परतावल में 10 माह की मासूम बच्ची की मौत के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जिस झोलाछाप की लापरवाही से बच्ची की जान गयी, वह खुद को बाल रोग विशेषज्ञ बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था, जबकि उसके पास बच्चों के इलाज की कोई वैध योग्यता ही नहीं थी।

क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर संजय सिंह खुद को बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ बताता था और इसी दावे के आधार पर वर्षों से लोगों को गुमराह कर इलाज करता रहा। मामले की जांच कर रहे आयुर्वेद अधिकारी हरेंद्र जैसवार ने स्पष्ट किया कि संजय सिंह के पास ऐसी कोई डिग्री नहीं है, जिससे वह बाल रोग विशेषज्ञ होने का दावा कर सके। उन्होंने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया।


जिला आयुर्वेद अधिकारी के अनुसार, संजय सिंह का पंजीकरण बीएएमएस डिग्री के आधार पर हुआ है। इस डिग्री की अब संबंधित संस्थान से जांच कराई जाएगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, संजय सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से परतावल बाजार स्थित अपने आवास पर क्लीनिक चला रहा था। धीरे-धीरे उसने क्षेत्र में अपनी पकड़ बना ली थी और दूर-दराज गांवों से भी लोग इलाज के लिए उसके पास पहुंचते थे। आरोप है कि वह बच्चों का इलाज अंग्रेजी दवाओं से करता था, जबकि उसके पास इसके लिए वैध योग्यता नहीं थी।

लोगों का यह भी कहना है कि संजय सिंह का क्लीनिक शायद ही कभी बंद रहा हो। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि उसने बीएएमएस की पढ़ाई कब और कैसे पूरी की, जबकि इस कोर्स में चार साल से अधिक का समय लगता है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि क्लीनिक में बड़ी मात्रा में दवाइयों का भंडारण किया जाता था और वहीं से मरीजों को दवाएं बेची जाती थीं।

घटना वाले दिन संजय सिंह के फरार होने के बाद क्लीनिक बंद मिला। कुछ ही देर बाद एक वाहन वहां पहुंचा और अंदर रखा सामान जल्दबाजी में निकालकर ले जाया गया। आशंका है कि क्लीनिक में रखी दवाइयों व अन्य स्तावेजों को हटा दिया गया। मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और लोग दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है और लोग दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।