Maharajganj News : लापरवाही पड़ सकती है भारी, समय पर इलाज जरूरी
01-May-2026
Total Views |
महराजगंज। बदलते लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों में तेजी से आए बदलाव के कारण युवाओं में यूरिक एसिड की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 20 से 30 मरीज यूरिक एसिड से संबंधित शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर वैभव श्रीवास्तव के अनुसार, युवाओं में यूरिक एसिड बढ़ने का मुख्य कारण असंतुलित खानपान और फास्ट फूड का अधिक सेवन है। खासतौर पर ब्वायलर चिकन का अत्यधिक उपयोग इस समस्या को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि मुर्गी फार्मों में चूजों को तेजी से बड़ा करने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाओं और सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका प्रभाव अप्रत्यक्ष रूप से मानव स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि यूरिक एसिड बढ़ने पर सबसे ज्यादा असर जोड़ों पर पड़ता है।
मरीजों को तेज दर्द, सूजन और चलने-फिरने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो कई बार असहनीय हो जाती है। यदि समय रहते इसका इलाज न कराया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है।
डॉक्टर वैभव श्रीवास्तव ने युवाओं को सलाह दी है कि वे अपने खान-पान और दिनचर्या में सुधार लाएं। चिकन और मटन का सेवन सीमित मात्रा में करें और हरी सब्जियों, फल एवं फाइबर युक्त आहार को प्राथमिकता दें। इसके अलावा रोजाना सुबह टहलना, योग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति को जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अन्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए। सही समय पर उपचार और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।