Maharajganj News : खरीद शुरू हुई, लेकिन रफ्तार गायब! गेहूं खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल

    13-May-2026
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महराजगंज।
जिले में सरकारी गेहूं खरीद की रफ़्तार बेहद धीमी चल रही है। गेहूं खरीद की स्थिति 40 दिन बाद भी लक्ष्य से कोसों दूर है। 10 मई तक के आंकड़ों के मुताबिक जनपद के 163 क्रय केंद्रों ने सिर्फ 5515 मीट्रिक टन (एमटी) खरीद की है। यह कुल खरीद का 10 प्रतिशत भी नहीं है। जबकि कुल 57000 एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित है।

जनपद में एक अप्रैल 2026 से गेहूं खरीद प्रभावी है। इसके लिए 163 क्रय केंद्र जनपद में स्थापित किए गए लेकिन सरकारी खरीद 8 अप्रैल के बाद प्रभावी हुई। शुरुआती दौर में बोरों की किल्लत से सरकारी खरीद बाधित रही तो फिर फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता ने सरकारी बिक्री बढ़ाने में रोड़ा अटकाया।


मई के शुरुआती दिनों में गेहूं बिक्री के लिए खतौनी सत्यापन में समस्या आनी शुरू हुई। सरकारी खरीद करने के लिए यह नियम लागू किया गया था कि सर्वप्रथम किसान सरकारी बिक्री के लिए पंजीकरण कराएंगे फिर अपनी खतौनी राजस्व विभाग से सत्यापित कराएंगे। सदर तहसील के जिम्मेदारों के अनुसार, गेहूं बिक्री से पूर्व रकबे का सत्यापन लेखपाल अपनी आईडी से कर रहे थे लेकिन उक्त साॅफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी आने से सत्यापन में लेटलतीफी शुरू हुई।

शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए सात मई को आदेश जारी करते हुए राजस्व सत्यापन में ढील देते हुए क्रय केंद्र प्रभारी को ही रकबा सत्यापन का दायित्व सौंपा है। अब किसान जो बिक्री रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं वह अपनी खतौनी की प्रतिलिपि केंद्र प्रभारी को दिखाकर सत्यापित करा कर अपनी उपज बेच सकते हैं।