Maharajganj News : रौनक लौटी, पर डर बाकी! सीमा बाजारों में फिर बढ़ी ग्राहकों की भीड़

    02-May-2026
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खनुवां। नेपाल में बदले प्रशासनिक रुख के बाद खनुवां क्षेत्र में बाजारों में एक बार फिर हलचल बढ़ने लगी है। भारत-नेपाल सीमा पर रोजमर्रा के 100 से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम सख्ती में आई आंशिक ढील ने सीमावर्ती इलाकों में ठहरी अर्थव्यवस्था को फिर से गति मिलनी शुरू हो गई है।

बढ़नी, खुनुवां और कपिलवस्तु के बाजारों में पिछले एक सप्ताह के भीतर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे व्यापारियों और आम लोगों दोनों को राहत मिली है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अब भी सतर्क हैं और तस्करी की आशंका को लेकर निगरानी की जा रही है।

दरअसल, नेपाल में नई व्यवस्था लागू होने के बाद 100 रुपये से अधिक के सामान पर कस्टम शुल्क को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई थी। इसका सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों के रोजमर्रा के व्यापार और ‘रोटी-बेटी’ के संबंधों पर पड़ा। छोटे व्यापारी, किसान और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित हुए। लोग सीमित खरीदारी करने लगे और बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई थी।


सीमावर्ती बाजारों में लोग कहते हैं कि अब हालात धीरे-धीरे बदल रहे हैं। बढ़नी और खुनुवां के बाजारों में किराना, सब्जी, मिठाई, डेयरी और स्टेशनरी की दुकानों पर फिर से ग्राहकों की भीड़ दिखने लगी है।

व्यापारियों के अनुसार, नेपाली ग्राहकों की वापसी से बिक्री में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, नियमों को लेकर अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे बाजार पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। खुनुवां के व्यापारी बताते हैं कि पहले की सख्ती के कारण व्यापार लगभग ठप हो गया था, लेकिन अब ग्राहक दोबारा लौटने लगे हैं। कपिलवस्तु और बढ़नी क्षेत्र में भी यही तस्वीर है, जहां खेती-किसानी के सीजन को देखते हुए बीज, खाद और अन्य जरूरी सामान की मांग बढ़ रही है।

नेपाल सरकार की ओर से इन वस्तुओं की सीमित उपलब्धता के कारण लोग भारतीय बाजारों पर निर्भर है।
दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसियां इस ढील को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। एपीएफ (सशस्त्र पुलिस बल) की ओर से बार-बार सामान लाने और उसे गोदामों में जमा करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि राहत केवल आम उपभोक्ताओं के लिए है, न कि बड़े पैमाने पर व्यापार या तस्करी के लिए। इसके लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जा रही है। मर्यादपुर और तौलिहवा की ओर जाने वाले व्यापारियों का कहना है कि भले ही नरमी आई है, लेकिन अभी भी बड़े स्तर पर सामान ले जाने में दिक्कतें बनी हुई हैं। फिलहाल स्थानीय जरूरत तक ही खरीदारी सीमित है। व्यापारियों को उम्मीद है कि यदि नियम स्पष्ट हुए, तो आने वाले दिनों में बाजार पूरी तरह रफ्तार पकड़ सकता है।