Inflation Increases After Fuel Price Rise : चाय, दूध, तेल से लेकर साबुन तक सब हुआ महंगा ! अब क्या करे आम इंसान

    27-May-2026
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शिवानी

Inflation Increases After Fuel Price Rise : महराजगंज में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में पिछले 11 दिनों के दौरान हुई 8 रुपये की वृद्धि का असर अब आम लोगों के किचन तक पहुँच गया है। ईंधन महंगा होने से सामान ढुलाई की लागत बढ़ गयी है, जिससे रोजमर्रा की ज़रूरत के सारे सामान का दाम बढ़ गया है।

ईंधन और कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से पैदा हुई महंगाई की मार अब चाय, दूध तेल और साबुन जैसी रोज़ यूज़ होने वाली चीज़ों पर भी गंभीर असर डाल रही है। इसके चलते या तो कमानियों ने वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हैं या फिर उत्पादों का वजन कम कर दिया है।


यह हालात तो तब है जबकि ट्रांसपोटर्स ने अभी माल भाड़ा नहीं बढ़ाया है लेकिन ट्रांसपोटर्स का कहना है कि ईंधन के दाम बढ़ने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वह एक जून से 10 प्रतिशत किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। यदि किराया बढ़ता है तो एक बार फिर सभी सामान के दाम बढ़ना तय है।

चाय से लेकर साबुन तक सब प्रभावित
महंगाई का असर लोगों पर सुबह के चाय पर भी दिख रहा बाजार में फुटकर बिकने वाली चीनी का दाम 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 44 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं Amul, Parag और Gyan दूध के 500 एमएल पैकेट की कीमत 35 रुपये से बढ़ाकर 37 रुपये कर दी गई है।

चायपत्ती कंपनियों ने अभी पैकेट का रेट तो नहीं बढ़ाया है लेकिन उनका वजन कम कर दिया है। 250 ग्राम के पैकेट में 230 ग्राम चायपत्ती ही मिल रही है और 100 ग्राम नहाने के साबुन का वजन 90 ग्राम कर दिया गया है।

इसके अलावा एक किलो सर्फ 70 रुपये से बढ़कर 78 रुपये, अरहर दाल 105 रुपये से बढ़कर 115 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। सरसों और रिफाइंड तेल की कीमतों में भी 15 से 25 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ट्रांसपोर्टर बढ़ाएंगे किराया

ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि लगातार डीजल महंगा होने से उनका खर्च तेजी से बढ़ा है। पिछले 10 दिन में 3 बार डीजल का दाम बढ़ाया जा चुका है। इसकी वजह से गोरखपुर व महराजगंज के बीच एक चक्कर में 600 रुपये का नुकसान हो रहा है। पहले एक पिकअप की लागत 1600 रुपये पड़ रही थी लेकिन अब 2200 पड़ रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबार घाटे में है ऐसे में किराए में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी करनी होगी।

किराया बढ़ने पर और बढ़ेगी महंगाई
जनपद के एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने बताया कि गर डीजल के दाम में फिर बढ़ोतरी होती है तो माल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर बार-बार किराया नहीं बढ़ा सकते, इसलिए एकमुश्त बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रांसपोर्टर अपना भाड़ा बढ़ाते हैं तो एक बार फिर दैनिक उपयोग की चीज़ें महंगी हो जाएँगी, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है।