UP Politics News : 2027 के रण से पहले BJP का बड़ा दांव! पंकज चौधरी की टीम तैयार, जानें यहाँ
25-Jun-2026
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UP Politics News : उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश टीम को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व ने यूपी बीजेपी की टीम को लगभग अंतिम रूप दे दिया है और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को संभावित नामों की सूची सौंप दी गई है। इस टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गए हैं। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखने के साथ साथ कई महिला चेहरों को भी शामिल किया गया है। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 35 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है। माना जा रहा है कि इस मानक के आधार पर ही युवा मोर्चा के नए नेतृत्व का चयन किया जाएगा।
इसके अलावा 19 मंत्री, क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी इसी टीम के साथ 2027 के रण में उतरेंगे। इस लिस्ट में राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह और समाजवादी पार्टी की बागी विधायक पूजा पाल को भी शामिल किया गया है।
सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दर्विुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को उपाध्यक्ष बनाया गया है। रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, अनिल यादव समेत 18 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।
पश्चिम क्षेत्र की कमान नबाब सिंह नागर, ब्रज क्षेत्र पूरन लाल लोधी, कानपुर क्षेत्र राम किशोर साहू, अवध क्षेत्र अवधेश द्विवेदी, काशी क्षेत्र अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र विनोद राय को सौंपी गई है। मोर्चों में रोहित मिश्रा युवा मोर्चा, प्रकाश पाल पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह किसान मोर्चा, अशोक रावत अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।
वहीं दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशुराज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
बीजेपी ने सगंठन के जरिए सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले को काउंटर करने का दांव चला है। बीजेपी ने प्रदेश संगठन में दलित और पिछड़ों पिछड़ों के साथ अतिपिछड़ी जाति के लोगों का सियासी अहमियत की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाओं को भी संगठन में शामिल किया गया है, जिसमें उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री और मंत्री बनाई गई हैं।