Maharajganj News : एक माह बाद भी नहीं मिला जवाब ! फरेंदा कांड में जांच की रफ्तार पर सवाल

    03-Jun-2026
Total Views |

महराजगंज।
फरेंदा थाना क्षेत्र में दर्ज मारपीट के एक मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस को नया प्रार्थना पत्र देकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना में महिलाओं और बच्चों के साथ भी मारपीट हुई थी, लेकिन अबतक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गयी है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 की रात पीड़ित कृष्ण कुमार चौधरी का परिवार शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। उनका आरोप है कि परसा महंत डिवाइडर के पास बिना नंबर की एक टाटा कार द्वारा रास्ता रोक लिया गया और हॉर्न बजाने पर उतरकर गाली गलौज करने लगे और इसके बाद उन लोगों ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर हमला कर दिया।

शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार का कहना है कि हमले की इस घटना के समय गाड़ी में महिलाएं और छोटे बच्चे भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा और उनके साथ भी मारपीट की। परिवार की कई महिलाओं को चोटें आईं और इस घटना से बच्चे बेहद डर गए। इसके बाद भी वो लोग लगातार हमला कर रहे थे और गाड़ी को जलाने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे।


पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था लेकिन इसके बावजूद महिलाओं से सम्बंधित कानूनी धाराएं अब तक मुक़दमे में जोड़ी नहीं गयी हैं।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। कृष्ण कुमार ने संबंधित व्यक्तियों के फोटो पुलिस को उपलब्ध कराते हुए उनकी भूमिका की जांच कराने की मांग की है।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान कुछ हमलावर कथित रूप से राजनीतिक प्रभाव और संरक्षण का हवाला दे रहे थे। वो बार बार कह रहे थे कि 'हमारे चाचा सभासद हैं', 'विधायक हमारे रिश्तेदार हैं और हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता', शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों द्वारा बार-बार प्रभावशाली लोगों के नाम लेकर डराने और दबाव बनाने का प्रयास किया गया।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इसके अलावा पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना को एक माह से अधिक समय बीत गया। लेकिन इसके बावजूद न तो सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही अज्ञात आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया पूरी हो सकी है। परिवार ने पुलिस कार्रवाई की गति को बेहद धीमा बताते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

पीड़ित पक्ष ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, महिलाओं और बच्चों से जुड़े आरोपों के संबंध में उचित धाराएं जोड़ने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, गवाहों की सुरक्षा तथा कथित राजनीतिक दबाव के पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि यदि जांच के दौरान किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, मिलीभगत अथवा भ्रष्टाचार सामने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।