Maharajganj News : नेपाल की बारिश ने बढ़ाई महराजगंज की धड़कनें! नदियों का फिर जलस्तर चढ़ा, अलर्ट जारी
16-Jul-2026
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महराजगंज। जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही तेज वर्षा का असर अब नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। गंडक, रोहिनी और राप्ती नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
सिंचाई खंड दो के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, गंडक, रोहिनी और राप्ती का जलस्तर बढ़ा है लेकिन राहत की बात यह है कि सभी नदियां अभी खतरे के निशान से अभी नीचे बह रही हैं। रोहिनी नदी में बाढ़ आने से नौतनवा, लक्ष्मीपुर, पनियरा, त्रिमोहानी क्षेत्र प्रभावित होता है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं राप्ती नदी से फरेंदा और धानी क्षेत्र प्रभावित होता है।
सिंचाई खंड दो के बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने शाम की जारी किए रिपोर्ट के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बैराज में 1,63,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया हैं। वहीं रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर 79.80 मीटर और भौराबारी घाट पर 75.55 मीटर पर बह रही है। रोहिन बैराज रतनपुर में अपस्ट्रीम में 99.42 मीटर दर्ज किया गया। यहां पर 663 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रिगौली में राप्ती नदी का जलस्तर 76.55 मीटर दर्ज किया गया। वहीं प्यास नदी का जलस्तर 100.80 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार जिले और नेपाल क्षेत्र से जुड़े सभी समस्त तटबंध सुरक्षित हैं।
बाढ़ से निपटने के लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए 39 बाढ़ सुरक्षा समितियां, 6 बाढ़ नियंत्रण कक्ष, 291 गोताखोर, 29 बाढ़ चौकियां, 19 राहत शिविर केंद्र व 70 नाव और 208 नाविक तैनात किए गए हैं। ताकि बाढ़ के समय लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
तीन दिनों से लगातार हो रही थी बारिश तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। इसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। बुधवार को बारिश थमने के बाद दिनभर उमस भरी गर्मी रही, लेकिन नदियों का बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है।