Gorakhpur News : 1.40 करोड़ की ठगी का केस... फिर आठवीं मंजिल से छलांग! सुसाइड नोट ने खोल दिया मौत का राज

    14-Aug-2026   
Total Views |

गोरखपुर। गोरखपुर में गुरुवार को सुबह एक दुखद घटना घटी। गोरखनाथ क्षेत्र के राजेंद्र नगर स्थित बसंत एन्क्लेव में 45 वर्षीय पशु चिकित्सक परमात्मा सिंह ने अपनी जान दे दी। उन्होंने अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने 1.40 करोड़ रुपये की ठगी के मुकदमे में आरोपी गरिमा सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।

परमात्मा सिंह मूल रूप से मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के बरबोझी गांव के रहने वाले थे और महराजगंज के रतनपुर ब्लॉक में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे। वह अपनी पत्नी सावित्री सिंह, बेटे और बेटी के साथ बसंत एन्क्लेव के फ्लैट नंबर 213 में रहते थे। उनकी पत्नी भी पशु चिकित्सक हैं और महराजगंज के सिसवा क्षेत्र में तैनात हैं।

गुरुवार सुबह परमात्मा सिंह अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर वापस लौटे थे। इसके बाद वह अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल पर पहुंचे और करीब 9:30 बजे वहां से छलांग लगा दी। उनके परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और तलाशी के दौरान उनकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ।

परमात्मा सिंह ने मौत से महज छह दिन पहले, 5 अगस्त को एम्स थाने में गरिमा सिंह, उसके पिता और अन्य लोगों के खिलाफ 1.40 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस गरिमा सिंह और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

एफआईआर के मुताबिक, गरिमा सिंह ने कथित तौर पर खुद को एक वित्तीय कंपनी से जुड़ा बताते हुए परमात्मा को भरोसा दिलाया था कि एक योजना के जरिए उनका पुराना होम लोन बंद कराया जा सकता है। इसके लिए उन्हें नया पर्सनल लोन लेने की सलाह दी गई।

आरोप है कि गरिमा ने परमात्मा से छह अलग-अलग बैंकों में लोन के आवेदन करवाए। शुरुआत में उन्हें बताया गया कि किसी एक बैंक से लोन स्वीकृत होगा। लेकिन आरोप के मुताबिक सभी छह बैंकों से लोन मंजूर हो गया।

परमात्मा के आरोप के मुताबिक, गरिमा ने भरोसा दिलाया था कि लोन की रकम उसे देने के बाद वह खुद EMI चुकाएगी और पुराना होम लोन बंद करा देगी। शुरुआत में करीब दो महीने तक EMI भरने के बाद उसने कथित तौर पर किस्तें देना बंद कर दिया।

इसके बाद परमात्मा भारी कर्ज में फंस गए। जब उन्होंने रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोप है कि उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।

परमात्मा ने अपनी शिकायत में यह भी आशंका जताई थी कि उनके या परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए गरिमा सिंह, उसके सहयोगियों और कथित तौर पर लोन स्वीकृति प्रक्रिया में शामिल लोगों को जिम्मेदार माना जाए।

पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से पहले मिले सुसाइड नोट में परमात्मा ने गरिमा सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। अब पुलिस के सामने कई सवाल हैं -1.40 करोड़ रुपये की कथित ठगी का पूरा नेटवर्क क्या था? छह बैंकों से एक साथ लोन कैसे मंजूर हुए? धमकी के आरोप कितने सच हैं और आत्महत्या से पहले परमात्मा किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे?

एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पशु चिकित्सक ने आठवीं मंजिल से कूदकर जान दी है और उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पुलिस अब दर्ज एफआईआर, सुसाइड नोट, बैंक लोन से जुड़े दस्तावेजों, कथित धमकियों और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


आपन महराजगंज

आपन महराजगंज (Aapan Maharajganj) 'मेन्स मीडिया ग्रुप' का एक प्रमुख रीजनल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की हर छोटी-बड़ी और निष्पक्ष खबरों के लिए जाना जाता है।

आपका जिला, आपकी खबर के मूल मंत्र के साथ, हम बिना किसी पक्षपात या मिर्च-मसाले के, आप तक निष्पक्ष, सच्ची और सटीक स्थानीय खबरें पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।