पहले इस योजना में 60% तक सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार 30% और राज्य सरकार 60% का योगदान दे रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में महराजगंज जनपद के लिए 300 आवेदन का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 285 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 193 किसानों ने अपनी 40% हिस्सेदारी जमा कर सोलर पंप लगवा लिए हैं। शेष किसान भी प्रक्रिया में लगे हैं।
भाकियू जिलाध्यक्ष राम अशीष ने इसे किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी योजना बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली पर खर्च घटेगा, बल्कि किसान ऊर्जा बेचकर आर्थिक रूप से और भी मजबूत होंगे।
किसान को ऑनलाइन आवेदन करना होगा
पंप पर बिजली कनेक्शन की जानकारी देनी होगी (मीटर्ड/अनमीटर्ड)
निजी ऑन-ग्रिड पंप के लिए सहमति
प्रति किलोवाट 10 वर्ग मीटर जमीन की जानकारी
बची हुई बिजली यूनिट के आधार पर विभाग को बेच सकेंगे
इस योजना के तहत सोलर पंप से ट्यूबवेल चलाने का खर्च बचेगा, और किसान अपने खेतों की सिंचाई में आत्मनिर्भर बनेंगे। विभाग को इस वर्ष भी 300 आवेदन का लक्ष्य मिला है, हालांकि फिलहाल नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं।