महराजगंज। जिले में चौंकाने वाली घटना सामने आयी है, जहां एक महिला प्रिंसिपल ने स्कूल मर्जर के नाम पर बच्चों के रोने का फेक वीडियो बनवाया। पहले तो ये सबको सच लगा, लेकिन जब इसकी गहनता से जांच की गई तो पता चला कि प्रिंसिपल ने ही बच्चों को रोने के लिए विवश किया था, ताकि स्कूल के कथित मर्जर का विरोध किया जा सके। फिलहाल, प्रिंसिपल कुसुमलता पांडे को सस्पेंड कर दिया गया है।
दरअसल, बीते सोमवार को परतावल क्षेत्र के रुद्रपुर भलुही स्थित प्राथमिक विद्यालय के बाहर मासूम बच्चों के रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में बच्चे स्कूल गेट के बाहर प्रिंसिपल से लिपटकर रोते और गुहार लगाते हुए नजर आ रहे थे। वीडियो में बच्चे बार-बार यह कहते हुए दिख रहे थे- 'मैम, प्लीज गेट खोल दीजिए, हमें यहीं पढ़ना है। ' यह वीडियो इतना भावुक था की शुरुआत में सबको यह सच लगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष शर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय से तत्काल जांच कर आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया। जिसके बाद जिला प्रसाशन ने मामले की जांच कराई। जांच में यह बाते सामने आई कि वीडियो पूरी तरह प्रायोजित था और विद्यालय की प्रिंसिपल के द्वारा बच्चों को बरगलाते हुए उनके रोने का वीडियो बनाकर वायरल कर प्रशासन की छवि को धूमिल किया गया। जबकि, विद्यालय को समय से खोला ही नहीं गया था।
जांच के बाद संबंधित विद्यालय की प्रिंसिपल कुसुमलता पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही परतावल विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी मुसाफिर सिंह पटेल को स्कूलों के सुपरवाईजरी व मॉनिटरिंग कार्य में शिथिलता को लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी किया गया है।