Maharajganj News : किसान लाइन में, तस्कर मुनाफे में, भारत-नेपाल सीमा पर खाद तस्करी जोरों पर

25 Jul 2025 11:00:09

सोनौली।
भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती के बाद भी खाद तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। तस्कर सरहद पार खाद पहुंचा रहे हैं। वहीं घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। सख्ती के चलते सीमावर्ती क्षेत्र में 14 दिन में 200 बोरी खाद जून व जुलाई में बरामद हुई है।

सूत्र बताते हैं कि सीमावर्ती क्षेत्र में पगडंडियों से होकर कैरियर नेपाल सीमा में दाखिल हो जाते हैं। बाॅर्डर से सटे खेती भी होती है। कैरियर बचने के लिए एक दो बोरी लेकर खेत की ओर से निकलते हैं। उनसे कोई पूछता भी है तो खेत में डालने की बात कर चकमा देते हैं। ऐसे में वे चकमा देकर सरहद के किनारे तक पहुंच जाते हैं।

वहां जाने के बाद मौका देखकर नेपाल सीमा में खाद पहुंचाकर मोटी रकम बनाते हैं। सूत्रों की माने तो खाद की तस्करी की वजह से ही किसानों को भारतीय क्षेत्र में मुश्किल होती है।

वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जिनके रिश्तेदार नेपाल में हैं। भारतीय क्षेत्र के लोग नेपाल में रिश्तेदार के लिए एक नंबर से खाद लेकर रखते हैं, लेकिन भेजने के दौरान वही खाद अवैध हो जाती है। नियम कानून के पेंच के कारण उनको भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
इन दिनों नेपाल में यूरिया की मांग बढ़ी है। वहां मुंह मांगी कीमत मिल रही है। भारतीय क्षेत्र में 266.50 रुपये की यूरिया नेपाल पहुंचते ही 800 रुपये की हो जा रही है। रेंट के अंतर का फायदा तस्कर उठा रहे हैं।

तस्कर तो किसी तरह से खाद हासिल कर बाॅर्डर तक पहुंच रहे हैं, लेकिन सुरक्षा कर्मियों के मजबूत सूचना तंत्र के कारण पकड़ में आ रहे हैं। बीते दिन अलग-अलग स्थानों पर 38 बोरी यूरिया सुरक्षा कर्मियों ने बरामद किया था। इसी तरह से प्रत्येक दिन सूचना मिलने पर बरामदगी होती रहती है।
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