Maharajganj Exclusive News : मंदिरों में चढ़े फूलों से मिला आत्मनिर्भरता का रास्ता, रंजीता की प्रेरणादायक कहानी

    30-Jul-2025
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महराजगंज। हौसला और सहयोग हो तो इंसान क्या नहीं कर सकता, ऐसी ही एक मिसाल पेश की है निचलौल क्षेत्र के वाइव्रेंट विलेज ईटहिया की रंजीता ने। कभी आम गृहिणी रहीं रंजीता आज पंचमुखी स्वयं सहायता समूह की टीम लीडर के रूप में मंदिर में चढ़ाए फूलों से अगरबत्ती बनाकर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बना रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।

पर्यटन विभाग के सहयोग से रंजीता को फूलों से अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत उन्होंने बिना ब्याज ऋण लेकर अगरबत्ती निर्माण संयंत्र स्थापित किया।

हमेशा की तरह शुरुआत आसान नहीं रही, लेकिन जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से रंजीता ने अपने प्रयासों को साकार किया।

रंजीता और उनकी टीम आज ईटहिया शिव मंदिर परिसर में स्टाल लगाकर स्वनिर्मित अगरबत्तियों की बिक्री कर रही हैं। उनकी बनाई अगरबत्तियां अब न केवल स्थानीय मेलों में बिक रही हैं, बल्कि निचलौल, ठूठीबारी, महराजगंज और यहां तक कि पड़ोसी देश नेपाल तक पहुंच रही हैं। यह सफलता रंजीता की मेहनत और सरकारी सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है।

रंजीता ने अगरबत्ती निर्माण की प्रक्रिया में गांव की आठ महिलाएं रीना, साधना, कुसमावती, पूनम, रबड़ी, शालू, जुगरावती और संगीता को भी जोड़ा है। मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को सुखाकर, ग्राइंडर व मिक्सर से पीसकर उनसे पाउडर बनाया जाता है। फिर इसमें लकड़ी की राख, गोंद और पानी मिलाकर मिश्रण तैयार होता है, जिसे अगरबत्ती मशीन में डालकर स्टिक बनाई जाती है। स्टिक को फिर सुखाया और सुगंधित किया जाता है।

रंजीता की यूनिट में अब फुल ऑटोमैटिक अगरबत्ती मेकिंग मशीन भी उपयोग में लाने की योजना बनाई जा रही है। पर्यटन विभाग की जिला समन्वयक तान्या अग्रवाल का कहना है कि वाइव्रेंट विलेज ईटहिया में सरकारी योजनाओं की मदद से महिलाएं मंदिर में चढ़ाए फूलों से अगरबत्ती बनाकर उसकी बिक्री कर रही हैं। इससे वह आर्थिक मामले में आत्मनिर्भर बन रही हैं। टीम लीडर रंजीता उन महिलाओं के लिए नजीर है जो घर-गृहस्थी के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की सपना संजोएं बैठी हैं।