Rakshabandhan timing : रक्षाबंधन का त्यौहार दो दिन बाद है। इसे बहुत ही धूमधाम के साथ हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। यह भाई-बहन के आपसी प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक होता है। इसमें बहनें अपने भाईयों की कलाई में राखी बांधती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी लक्ष्मी ने सबसे पहले राजा बली को राखी बांधी थी और अपना भाई बनाया था। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण ने दौपद्री से राखी बंधवायी थी, इस कारण से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
आर्यावर्त ज्योतिष केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकनाथ ने बताया कि काफी वर्षों के बाद पूरे दिन राखी बंधवाने के लिए शुभ है। 09 अगस्त को सुबह 5:30 से दोपहर 1:23 बजे तक योग अति उत्तम है। इस दिन श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग व नक्षत्र का मिलन भाई-बहन के रिश्ते को मधुर बनाएगा। इस बार का रक्षाबंधन काफी उत्तम है। इस दिन श्रवण नक्षत्र होगा।
चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे इसके स्वामी शनि हैं और शनिवार के स्वामी भी शनि हैं। इसलिए शनिवार, श्रवण व शनि का त्रियोग लोगों को लाभ देगा। इस दिन बहन की ओर से भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ दोनों को वस्तु का दान करना चाहिए।