
UP Politics : लोकतंत्र में पारदर्शिता को सबसे बड़ी ताकत माना जाता है, लेकिन महराजगंज के सांसद पंकज चौधरी के सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) फंड का रिकॉर्ड कई सवाल खड़े कर रहा है।
@khurpenchh नाम के X हैंडल और इंस्टाग्राम पेज ने पंकज चौधरी द्वारा उठाये गए सवालों को लेकर पोस्ट शेयर किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अब तक एक भी कार्य के पूर्ण होने का आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
18 वीं लोकसभा का हाल
MPLADS पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक,
आवंटित राशि: ₹9.80 करोड़
खर्च की गई राशि: ₹5.33 करोड़
पूरे हुए कार्य: 0
यानी आधे से ज़्यादा फंड खर्च हो चुका है लेकिन एक भी परियोजना को पूर्ण घोषित नहीं किया गया है। 17वीं लोकसभा में भी वही कहानी है लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्थिति सिर्फ मौजूदा लोकसभा तक सीमित नहीं है।
17वीं लोकसभा में खर्च: ₹6.82 करोड़
पूरे हुए कार्य: 0
दो लगातार लोकसभाओं में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद एक भी कार्य का पूरा न होना, प्रशासनिक निगरानी और क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फोटो और वेरिफिकेशन डेटा भी गायब
नियमों के अनुसार MPLADS के तहत कराये गए कार्यों की जियो टैग्ड तस्वीरें वेरिफिकेशन रिपोर्ट और पूर्णता प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड होना अनिवार्य है लेकिन पोर्टल पर न तो पूर्ण हुए कार्यों की तस्वीरें दिख रही हैं और न ही वेरिफिकेशन से जुड़ा कोई स्पष्ट डेटा उपलब्ध है।
जनता के मन में अब उठ रहे ये सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भुगतान हो चुके हैं, फंड खर्च दिखाया जा रहा है, तो फिर काम पूरे क्यों नहीं दिखाए जा रहे? कौन-सी परियोजनाएं अधूरी हैं और क्यों? और इनकी जवाबदेही आखिर किसकी बनती है?
यह पैसा जनता के टैक्स का है और इसका पूरा हिसाब जनता को मिलना चाहिए। पारदर्शिता और जवाबदेही के बिना विकास योजनाओं पर भरोसा कायम रहना मुश्किल होता जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इन सवालों पर क्या सफाई देते हैं और क्या MPLADS फंड के उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाती है या नहीं।