महराजगंज। शहर में गबडुआ के महफूजुर्रहमान सिद्दीकी धाेखाधड़ी के शिकार हो गए। 12 साल पहले लखनऊ में फ्लैट लेने के लिए 13.50 लाख दिए लेकिन अब तक न तो रकम मिली, न ही फ्लैट। रकम के लिए आरोपी से कई बार अनुरोध किया तो झांसा देकर खामोश कराता रहा। कोई विकल्प नहीं देख पीड़ित ने कोतवाली थाने में तहरीर दी है। पुलिस आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
धनेवा-धनेई, टोला गबडुआ निवासी महफूजुर्रहमान सिद्दीकी ने 14 जनवरी 2026 को थाने में तहरीर देकर शराफत अली निवासी धनेवा-धनेई, टोला गबडुआ के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज की है। तहरीर के अनुसार, वर्ष 2013-14 में महफूजुर्रहमान सिद्दीकी ने शराफत अली को लखनऊ के आंबेडकर पार्क स्थित रिवर व्यू अपार्टमेंट (जियामऊ नियम) में तीसरे तल का एक फ्लैट खरीदने के लिए कुल 28.50 लाख रुपये देने का समझौता किया था।
समझौते के बाद पीड़ित ने नकद, बैंक ट्रांजेक्शन और एक 1.50 की घड़ी सहित आरोपी को कुल 13.50 लाख रुपये दिए। आरोपी ने विश्वास दिलाया था कि एक साल में फ्लैट रजिस्ट्री करा देगा।
हालांकि, आरोपी ने फ्लैट बनाने में 4 साल लगा दिए और जब फ्लैट तैयार हुआ तो महफूजुर्रहमान सिद्दीकी की बजाय किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। आरोप है कि उसी फ्लैट के नाम पर आरोपी ने दो अन्य लोगों से भी रुपये लिए हैं। बीते 12 वर्षों में कई बार पैसा वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा।
हाल ही में जब महफूजुर्रहमान सिद्दीकी ने फिर पैसा मांगा तो आरोपी मारपीट करने और धमकी देने लगा। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह इसी तरह के अपराधों में तीन बार जेल जा चुका है। साथ ही उस पर गैंगस्टर एक्ट का संगीन मुकदमा भी चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में है।
सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक निर्भय सिंह ने बताया कि आरोपी शराफ अली के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।