घुघली। पांच दशक बीत जाने के बावजूद क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों को रोडवेज बस की सुविधा नहीं मिली है। जिला मुख्यालय जाने के लिए मजबूरी में लोग व्यावसायिक वाहनों से सफर कर ज्यादा किराए का भुगतान कर रहे हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
बताया जाता है कि विगत पांच दशक से क्षेत्र के लोग परिवहन सेवा की समस्या को जनप्रतिनिधियों के सामने रखते आ रहे हैं। हर बार क्षेत्र के लोगों को आश्वासन ही मिलता है। इसके चलते लोगों में गहरा असंतोष है। कुशीनगर जनपद की सीमा से सटे जिले के गांव पिपरा ब्राह्मन उर्फ बारी, महावन खोर उर्फ बड़हरा, धनगढ़ी मुंडेरी, लक्ष्मीपुर, हरखी, हरख, प्यास, चौमुखा, गजरा कोटवा आदि के लगभग हजारों लोग इंदरपुर से बारी गांव, जखिरा वाया घुघली होकर शिकारपुर के रास्ते जिला मुख्यालय तक परिवहन निगम की बस चलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पूर्व प्रधान विधा सिंह ने बताया कि बारीगांव से मुख्यालय अथवा गोरखपुर जाने के लिए सिर्फ प्राइवेट बसों का ही सहारा है। दोनों जगह आने-जाने में दिन भर का समय भी लग जाता है। चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि निजी बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। इससे लोग काफी परेशान हैं।
जिले की सीमा पर बसे अंतिम ग्रामसभा बारीगांव के राम प्रवेश व रघुपति सिंह ने कहा कि यहां से मुख्यालय जाने के लिए बस सेवा के अभाव के मुद्दो को 50 वर्षो में किसी भी जनप्रतिनिधि ने नहीं उठाया। एक सरकारी बस जखिरा चौराहे से घुघली होकर मुख्यालय तक आती जाती है, जिसका कोई नियत समय नहीं है।