महाराजगंज। कोतवाली थाने में एक धोखाधड़ी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सीआरपीएफ में तैनात जवान मनीष मौर्य ने विनोद यादव पर 11.80 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए प्रार्थना-पत्र दिया है। 30 दिसंबर 2025 को मामले में केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
वर्तमान में सीआरपीएफ में जवान के रूप में कार्यरत ग्राम नटवा बाजार निवासी मनीष मौर्य ने बताया कि आरोपी विनोद यादव निवासी ग्राम रुदलापुर ने उन्हें उच्च मुनाफे का लालच देकर पैसे लिए। विनोद ने दावा किया कि उसकी रिच सिग्नल ट्रेडिंग कंपनी शेयर बाजार, ट्रेडिंग और किराना व्यापार से अच्छा लाभ कमाती है।
उसने वादा किया कि दिया मूलधन सुरक्षित रहेगा, हर महीने 5 प्रतिशत लाभ मिलेगा और मूलधन कभी भी वापस लिया जा सकेगा। सुरक्षा के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री और चेक देने का आश्वासन भी दिया। मनीष ने कुल राशि इस प्रकार दी मार्च 2024 में 4 लाख रुपये (श्यामसुंदर गुप्ता के माध्यम से), सितंबर 2024 में 6 लाख रुपये सीधे विनोद को, जुलाई 2025 में 1.80 लाख रुपये विनोद के खाते में।
मार्च से अगस्त 2024 तक 4 लाख रुपये पर 5 प्रतिशत लाभ दिया गया लेकिन सितंबर में 6 लाख देने के बाद न तो लाभ मिला और न ही मूलधन वापस हुआ। विनोद ने फोन उठाना बंद कर दिया। सितंबर 2024 में मौखिक वादा किया कि 20 फरवरी 2025 से पैसे लौटाने शुरू कर देगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। जुलाई 2025 में फिर विश्वास दिलाकर मूलधन का 30 प्रतिशत अतिरिक्त मांगकर 1.80 लाख रुपये लिए, मगर धोखा ही दिया।
विनोद ने केवल 10 लाख का चेक दिया लेकिन जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। आरोप लगाया कि यह छलपूर्वक विश्वासघात और आर्थिक शोषण है। मनीष ने थाने में कहा कि सीआरपीएफ की ड्यूटी के कारण वे हर समय उपस्थित नहीं रह सकते, इसलिए कानूनी कार्रवाई से पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई है। सदर कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया की मनीष मौर्य की तहरीर पर आरोपी विनोद यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।