Maharajganj News : हथियागढ़ में ऐसा नज़ारा ! दारुल उलूम फैज-ए-मोहम्मदी में जश्न-ए-तकमिल-ए-हिफ्ज-ए-कुरान, 14 छात्रों ने मुकम्मल किया हिफ्ज

27 Jan 2026 12:11:25

ब्यूरो रिपोर्ट


​लक्ष्मीपुर: दारुल उलूम फैज-ए-मोहम्मदी हथियागढ़ में ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने हर शख्स के दिल को छू लिया। यहाँ 'जश्न-ए-तकमिल-ए-हिफ्ज-ए-कुरान' और 'अंजुमन फैज-उल-लिसान' के सालाना कार्यक्रम का एक भव्य आयोजन किया गया। संस्था के प्रमुख मौलाना कारी मोहम्मद तैयब कासमी की अध्यक्षता और मौलाना डॉ. साद रशीद नदवी के नेतृत्व में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में 14 छात्रों को हिफ्ज मुकम्मल करने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मदरसे के मोहतमिम मौलाना मोहियुद्दीन कासमी नदवी ने किया।

​कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान की तिलावत और नात-ए-पाक से हुई। इसके बाद हिफ्ज पूरा करने वाले 14 छात्रों ने अपने उस्ताद कारी मोहम्मद असजद और हाफिज सलाहुद्दीन के सामने कुरान की शुरुआती आयतों (मुअव्वाजतेन और सूरह बकरा) की तिलावत कर हिफ्ज-ए-कुरान की सआदत हासिल की। इस मौके पर न केवल इन सभी हाफिज छात्रों की गुलपोशी (माल्यार्पण) की गई और उन्हें सनद (प्रमाण पत्र) से नवाजा गया, बल्कि उनके माता-पिता को भी फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद दी गई।

इन छात्रों ने पूरा किया हिफ्ज:
मोहम्मद शाहिद (महराजगंज), अबू शहमा (महराजगंज), मोहम्मद रेहान (पूर्णिया), उजैर अहमद, मो. शाहिद, शहजाद अहमद, मोहम्मद अब्दुल्लाह, मोहम्मद अफ्फान, मोहम्मद आसिम, वसीम अहमद, मोहम्मद अफजल, मोहम्मद फरहान, मोहम्मद दिलशाद (सभी महराजगंज) और मोहम्मद मुजम्मिल (पूर्णिया, बिहार) शामिल हैं।

​कुरान हिदायत और रहमत की किताब
बतौर मुख्य अतिथि पधारे दारुल उलूम मऊनाथ भंजन के शेखुल हदीस मौलाना अहमद उल्लाह कासमी नदवी ने कहा कि कुरान इंसानियत के लिए हिदायत, नूर और रहमत है। जो इंसान कुरान को सीने में महफूज कर लेता है, उसकी शान अल्लाह के नजदीक बहुत बुलंद है। उन्होंने कहा कि शारीरिक बीमारियां दवा से ठीक हो जाती हैं, लेकिन दिल की बीमारियां (जैसे ईर्ष्या और द्वेष) इंसान के किरदार को खोखला कर देती हैं, इनसे बचना चाहिए।

​संस्था के मोहतमिम मौलाना मोहियुद्दीन कासमी नदवी ने बताया कि मदरसे में दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक विषय भी पढ़ाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हाफिज-ए-कुरान अपने माता-पिता के लिए कयामत के दिन ताजपोशी का जरिया बनेगा। वहीं, मौलाना डॉ. साद रशीद नदवी ने आए हुए मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह सब आप लोगों के सहयोग और मदरसे के बेहतर शैक्षणिक माहौल का नतीजा है।

​अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में मौलाना शम्स उल हुदा, हाजी करीमुल्लाह, वसीम खान, डॉ. सद्दाम हुसैन, पूर्व राज्य मंत्री, और प्रोफेसर सगीर आलम का मोमेंटो और शॉल देकर स्वागत किया गया। वसीम खान ने मदरसों को देश की तरक्की के लिए जरूरी बताया। हाजी करीमुल्लाह, डॉ. सद्दाम हुसैन और वसीम खान ने छात्रों को कीमती इनाम देकर उनका हौसला बढ़ाया।

​इस अवसर पर मौलाना शम्सुल हुदा कासमी, एडवोकेट महताब खान, मौलाना अल्ताफ अहमद नदवी, डॉ. वलीउल्लाह नदवी, मुफ्ती मोहम्मद शमीम, डॉ. सुभान अल्लाह, मौलाना अबुल कलाम, मुफ्ती नूर मोहम्मद, हाफिज नूरुल हुदा, डॉ. सिराज अहमद, मौलाना सईद अहमद, मौलाना अयूब, तनवीर अहमद, अब्दुल कादिर, मास्टर शाह आलम समेत बड़ी संख्या में उलेमा और अभिभावक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन संस्था के प्रमुख की दुआ पर हुआ।


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